यूपी में कुशीनगर हवाई अड्डे पर आयेंगी अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने, मोदी सरकार ने किया घोषित

थाईलैंड, कंबोडिया, जापान, बर्मा आदि से लगभग 200-300 श्रद्धालु रोजाना ही कुशीनगर में आकर अपनी प्रार्थना करते हैं। हालांकि, इस अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल की कोई सीधी कनेक्टिविटी नहीं थी, जोकि आगंतुकों की लंबे समय से मांग रही है।

यूपी में कुशीनगर हवाई अड्डे पर आयेंगी अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने, मोदी सरकार ने किया घोषित

उत्तर प्रदेश का कुशीनगर एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थल है, जहां गौतम बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। यहां दुनिया भर से बौद्ध तीर्थयात्री आते हैं। कुशीनगर आसपास के कई अन्य बौद्ध स्थलों जैसे श्रावस्ती (238 किमी), कपिलवस्तु (190 किमी) और लुम्बिनी (195 किमी) से जुड़ा है जो इसे अनुयायियों और आगंतुकों दोनों के लिए समान रूप से आर्कषण का केन्द्र बनाता है। कुशीनगर पहले से ही भारत और नेपाल में फैले बौद्ध सर्किट तीर्थयात्रा के लिए प्रतीक स्थल के रूप में कार्य करता है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मुहर लगाते हुए उत्तर प्रदेश के कुशीनगर हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करते हुए मंजूरी दे दी है।

यह भी पढ़ें : इसी साल आप प्रयागराज से चित्रकूट झांसी हवाई यात्रा का उठा सकेंगे लुफ्त

अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से होगा लाभ

दुनिया भर के 53 करोड़ सक्रिय बौद्ध श्रद्धालु भारत में फैले बौद्ध सर्किट से जुड़े हैं। इसलिए कुशीनगर हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषित किए जाने से हवाई यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, प्रतिस्पर्धात्मक लागत पर सेवाओं का व्यापक विकल्प चुनने का मौका मिलेगा जिसके परिणामस्वरूप इलाके के घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

कुशीनगर से सीधी अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी से कुशीनगर आने वाले विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि होगी, जो इलाके के आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगा। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से देश में पहले से ही बढ़ रहे पर्यटन और आतिथ्य पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।