सोशल मीडिया के दावे, और जमीनी हकीकत, मतदाता का मिज़ाज समझना हुआ मुश्किल

18 वीं विधान सभा चुनाव अपने आखिरी पड़ाव पर है, उत्तर प्रदेश में सत्ता के शीर्ष पर पहुँचने के लिए हो रहे चुनाव में बुंदेलखंड के महोबा जिले..

Feb 18, 2022 - 01:29
Feb 18, 2022 - 01:33
 0  2
सोशल मीडिया के दावे, और जमीनी हकीकत, मतदाता का मिज़ाज समझना हुआ मुश्किल

18 वीं विधान सभा चुनाव अपने आखिरी पड़ाव पर है, उत्तर प्रदेश में सत्ता के शीर्ष पर पहुँचने  के लिए हो रहे चुनाव में बुंदेलखंड के महोबा जिले की दोनो सीटों पर महोबा एवं चरखारी में मतदाताओं की खामोशी प्रत्याशियों सभी पार्टियों के प्रत्याशियों को बैचेन किये है। पूर्व  चुनावों से उलट कोरोना मारामारी के प्रकोप के चलते चुनाव आयोग ने इस पर प्रत्याशियों को पहले जितनी आजादी शुरू में न दी, ज्यादातर पार्टी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अपने नेता की छवि बनाने जनसमर्थन के दावे करने में वहीं विरोधियों ने दूसरे को कमजोर दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, लेकिन ध्यान देने योग्य बात है कि अभी भी प्रदेश में जिले में एक बड़ा तबका वोटर के रूप के रूप में मौजूद है जो मोबाइल युग से अभी भी अलहदा है, ज्यादातर ऐसे ही वोटरों ने राजनीतिक दशा और दिशा का निर्धारण किया है अब देखना ये लाज़िमी है कि ये वोटर अपना समर्थन किसके पक्ष में दिखाता है ।

यह भी पढ़ें - गृहमंत्री अमित शाह व ओवैसी 19 को, स्वतंत्र देव सिंह शुक्रवार को भरेंगे हुंकार, मुख्यमंत्री योगी भी आयेंगे

इसके उलट कभी शांत न रहने वाला क्षेत्र का रण भूमि में हमेशा विजय पताका फहराने वाले वीर योद्धाओं आल्हा-ऊदल और देशावरी पान के लिए देश-विदेश में मशहूर वीरभूमि महोबा बीते कुछ सालों से यूपी की सियासत का केंद्र बना है। वर्ष 2014 में केंद्र व प्रदेश की सत्ता हासिल करने के लिए शुरू किए गए अभियान में सफलता मिलने पर भाजपा के लिए यह लकी सीट बन गई। वर्ष 2017 में विधानसभा और 2019 में लोकसभा के चुनाव अभियान की भी शुरुआत पार्टी ने यहीं से की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महोबा में रैलियां करके चुनाव अभियान का श्री गणेश किया।

भाजपा को यह जगह इतनी रास आई कि उन्होंने बीते साल केंद्र की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला-2 योजना के शुभारम्भ के लिए भी महोबा को ही चुना। भाजपा के मिथक को तोड़ने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की प्रियंका गांधी ने भी रैलियां करके जोर आजमाइश की है। जिसके परिणाम वक्त ही बताएगा। ढाई दशक पहले वर्ष 1995 में हमीरपुर से पृथक कर महोबा को नया जिला बनाये जाने के बाद यहां की दोनों महोबा सदर एवम चरखारी विधानसभा सीट तीनो ही दलों सपा,बसपा और भाजपा के लिए खासी अहम रही है।

यह भी पढ़ें - भाजपा प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी ने सब्जी मंडी में किया जनसंपर्क, मिला भारी समर्थन

जिले की जनता ने तब मुलायम सिंह यादव का अहसान चुकाते हुए सपा के टिकिट पर वर्ष 1996 में अरिमर्दन सिंह व 2002 में सिद्ध गोपाल साहू को जिता कर लखनऊ पहुचाया। जबकि चरखारी में भाजपा के छोटेलाल वर्मा और सपा की अम्बेश कुमारी विजेता रहीं।वर्ष 2007 एवम 2012 में महोबा सीट पर बसपा से राकेश गोस्वामी व राजनारायण बुधौलिया विधायक बने। जबकि चरखारी में बसपा के अनिलकुमार और भाजपा से उमाभारती विजेता रही। चरखारी में 2014 तथा 2015 में दो बार मध्यावधि चुनाव हुए जिसमे सपा के कप्तान सिंह राजपूत ओर उर्मिला राजपूत को विजय श्री हासिल हुई।

इसके बाद 2017 के चुनाव में यहां दोनो सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया। जिसमे महोबा में राकेश गोस्वामी तथा चरखारी में ब्रजभूषण राजपूत के सिर पर जीत का सेहरा बंधा। महोबा की सदर सीट पर अबकी भाजपा ने राकेश गोस्वामी को फिर से प्रत्यासी बनाया है। उनके मुकाबले में समाजवादी पार्टी ने मनोज तिवारी, बहुजन समाज पार्टी ने संजय साहू व कांग्रेस ने सागर सिंह को मैदान में उतारा है। जबकि यहां चरखारी सीट पर इस बार भी भाजपा की ओर से ब्रजभूषण राजपूत चुनाव मैदान में है। उधर समाजवादी पार्टी की ओर से रामजीवन यादव, बसपा से विनोद राजपूत और कांग्रेस से निर्दोष दीक्षित उनके मुकाबले ताल ठोक रहे है।

यह भी पढ़ें - समाजवादी पार्टी को मोदी और टीके दोनों से समस्या : प्रधानमंत्री

जिले की दोनों ही सीटों के चुनाव में जातिवाद का गणित हावी है। भाजपा का दावा है कि उन्हें पहली बार सर्व समाज का समर्थन हासिल है। वहीं महिलाओं का भी बड़े पैमाने पर वोट मिलने की बात कही जा रही है तो समाजवादी पार्टी मुस्लिम,यादव व ब्राम्हण मतों के सहारे बाजी मारने की फिराक में है। जबकि बसपा अपने दलित, पिछड़े और मुस्लिम मतदाताओ के सहारे चुनावी वैतरिणी पार करने को आतुर है। निर्वाचन विभाग के आकड़ो पर नजर डालें तो जिले की महोबा सदर सीट पर कुल मतदाताओ की संख्या 315399 है। इनमे 143925 महिला एवं 171465 पुरुष वोटर है।

इसी प्रकार चरखारी विधानसभा सीट पर मतदाताओ की संख्या 345658 है जिसमे 160457 महिला तथा 185184 पुरुष वोटर है। इन दोनों ही सीट पर 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओ की कुल संख्या 10753 है। यहां तीसरे चरण में आगामी 20 फरवरी को मतदान होना है। चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है। भाजपा के लिये यहाँ की दोनों सीट कितनी महवपूर्ण है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार में यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा,केशव मौर्या और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने जन सभाएं करके मतदाताओ से वोट मांगे है। तो समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा ने भी रैलियां की है, काँग्रेस से नसीमुद्दीन सिद्दकी भी मुस्लिम बाहुल्य इलाके में जनसभा कर उन्हें हुसैनी मिज़ाज याद दिला चुके हैं ।

यह भी पढ़ें - मायावती ने योगी सरकार पर जमकर बोला हमला, कहा गलत नीतियों से बेरोजगारों का हुआ पलायन

What's Your Reaction?

Like Like 2
Dislike Dislike 0
Love Love 2
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 2