एक और निजी हॉस्पिटल की खत्म हुई कोविड फैसिलिटी

उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर नगर में कोरोना संक्रमण का फैलाव जिस तेजी से बढ़ रहा है उसी तेजी से कोविड अस्पतालों में लापरवाही की शिकायतें भी आ रही हैं...

Sep 17, 2020 - 16:17
Sep 17, 2020 - 16:22
 0  3
एक और निजी हॉस्पिटल की खत्म हुई कोविड फैसिलिटी

कानपुर, (हि.स.)

  • जिलाधिकारी और सीएमओ के निरीक्षण में मिली खामियां पर हुई कार्यवाही

खासकर निजी कोविड अस्पताल नियमों की अधिक अनदेखी कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन भी ऐसे अस्पतालों पर नकेल कसने के लिए बराबर प्रयासरत है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान खामियां पाये जाने पर एक और निजी हॉस्पिटल की कोविड फैसिलिटी खत्म करने का फरमान सुना दिया।

यह भी पढ़ें : फतेहपुर सेना भर्ती रैली के लम्बित उम्मीदवारों की चिकित्सा समीक्षा शुरू 

जनपद में कोरोना का बढ़ रहा ग्राफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इसी के चलते निजी हॉस्पिटलों को कोविड की फैसिलिटी दी गयी, ताकि कोरोना पर कमी लायी जा सके। वहीं दूसरी ओर निजी कोविड अस्पताल मनमानी पर उतारु हैं और नियमों की बराबर अनदेखी की जा रही है। इसको लेकर जिलाधिकारी आलोक तिवारी और सीएमओ डा. अनिल कुमार मिश्र बराबर ऐसे अस्पतालों का निरीक्षण कर कार्यवाही भी कर रहे हैं। गुरुवार को दोनों अधिकारियों ने एसीएम षष्टम के साथ स्वरुप नगर स्थित डिवाइन कोविड हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निश्चेतक (एनस्थीसिया) डाक्टर की उपस्थित नहीं मिली। स्टैटिक मजिस्ट्रेट द्वारा अवगत कराया गया कि 24 घण्टे निश्चेतक डॉक्टर पूरे समय के लिए उपस्थित नहीं रहते।

यह भी पढ़ें : पुलिस कप्तान के नेतृत्व में चला वाहन चेकिंग अभियान

इस पर अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यह आरोप गलत है तो सीएमओ ने निश्चेतक डाक्टर का मोबाइल नंबर मांगा और उससे बात की, जिस पर निश्चेतक डाक्टर ने कहा कि मैं रीजेंसी अस्पताल जा रहा हूॅं और फोन काट दिया। इससे साबित हो गया कि अस्पताल में फुल टाइम निश्चेतक डाक्टर की तैनाती नहीं है और जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देशित करते हुए कहा कि डिवाइन हॉस्पिटल की कोविड फैसिलिटी तत्काल खत्म की जाये। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने एसीएम षष्टम को निर्देशित किया कि अब तक इस अस्पताल में पांच कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है, इन सभी मरीजों के परिजनों से बयान लेकर रिपोर्ट सौंपे। बयान लेने के दौरान यह ख्याल रहे कि कब उन्होंने अपने मरीज को यहां एडमिट कराया तथा अस्पताल प्रशासन द्वारा उनके मरीज के विषय में कब-कब क्या जानकारी दी गई। इसके साथ ही उनकी मृत्यु की सूचना परिजनों को कब दी गई व कितनी बिलिंग की गई आदि के विषय में पूरा बयान लिया जाए। बताते चलें कि जनपद में डिवाइन हॉस्पिटल चौथा निजी हॉस्पिटल है जिसकी कोविड फैसिलिटी खामियां पाये जाने पर खत्म की गयी।

यह भी पढ़ें : छत्रपति शिवाजी का आगरा कनेक्शन, जब औरंगजेब को दिया था चकमा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0