बांदा में 99 साल पहले बाल गंगाधर तिलक ने गणेशोत्सव की शुरुआत की थी

विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा भारत में बहुत पुराने समय से होती रही है।इसकी शुरुआत महाराष्ट् के पेशवाओं ने की। बाद में देश को आजाद..

Sep 9, 2021 - 09:22
Sep 9, 2021 - 09:30
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बांदा में 99 साल पहले बाल गंगाधर तिलक ने गणेशोत्सव की शुरुआत की थी
गणेशोत्सव (Ganeshotsav)

विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा भारत में बहुत पुराने समय से होती रही है।इसकी शुरुआत महाराष्ट् के पेशवाओं ने की। बाद में देश को आजाद कराने के लिए जनमानस में सांस्कृतिक चेतना जगाने के उद्देश्य से बाल गंगाधर तिलक ने जगह जगह गणेश उत्सव की शुरुआत की थी।

इसी दौरान 1923 में बांदा के अलीगंज मोहल्ले में बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव की शुरुआत करते हुए गणेश प्रतिमा स्थापित की और तबसे यहां लगातार गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है।

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बांदा शहर के अलीगंज मोहल्ले में रामलीला मैदान हैं।इसी रामलीला मैदान से जुड़ा हुआ गणेश भवन है जिसमें हर साल गणेश चतुर्थी को गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती है।गणेश प्रतिमा को स्थापित कराने का श्रेय नूतन बाल समाज को जाता है। समाज के अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू जी बताते हैं कि संगठन की पहली बैठक अगस्त 1923 में स्व. गोपीनाथ शास्त्री  पंढेरकर की अध्यक्षता में हुई थी।

तब से अब तक यह संगठन सक्रिय है।1927 में नूतन बाल समाज का संविधान बना और उसी वर्ष संगठन पंजीकृत हुआ।संविधान निर्माता रहे बालकृष्ण गोरे,राम कृष्ण राव जोशी,लक्ष्मण दास गांधी और माधव लाल दवे जबकि संरक्षक मंडल में चिंतामनराव भावे, बाल कृष्ण राव गोरे,गोपीनाथ शास्त्री रघुनाथ शास्त्री और गोविंद राव गोरे शामिल थे तब से लेकर अब तक अनेक बाधाएं खड़ी हुई लेकिन गणेश उत्सव के रूप में वार्षिक उत्सव मनाने की 99 वर्ष पूर्व शुरू हुई है परंपरा निरंतर जारी है।

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आज जहां गणेश भवन खडा है इस भवन को भवन का रुप लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। जमीन तो शुरुआती वर्षों में मिल गई थी। जैसे तैसे दीवारें बनाकर टीनशेड बनाया गया और लंबे इंतजार के बाद तत्कालीन बांदा विधायक स्व. विवेक सिंह ने विधायक निधि से 50 हजार रुपये दिए।

बाद में एमएलसी डॉ एसके शर्मा ने अपनी निधि से दो लाख रुपये मुहैया कराए और कुछ दिनों बाद इसी गणेश भवन परिसर में खेल कर बड़े हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी जो तत्कालीन मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, उन्होंने गणेश भवन का कायाकल्प कराने में धर्म को आड़े नहीं आने दिया।

इसी तरह वर्तमान सदर विधायक प्रकाश द्बिवेदी ने भी इस भवन को अपनी निधि से धन देने की घोषणा की है। गणेश भवन महाराष्ट्रीयन पद्बति से बना है।आरती व पूजा विधान भी महाराष्ट्र की परंपरा को समेटे है।2022 में गणेश उत्सव और नूतन बाल समाज  की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होंगे। स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर भव्य आयोजन की तैयारी चल रही है।

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