रामजन्म भूमि बबरी मस्जिद स्वामित्व विवाद पर सुप्रीम"/>

अयोध्या मामले पर आज से सुनवाई, देश व दुनिया की निगाहे लगी

रामजन्म भूमि बबरी मस्जिद स्वामित्व विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई का काम आज से शुरू हो रहा है। कोर्ट की सुनवाई पर पूरे देश और दुनिया की निगाहे टिक गई है। हर किसी को जिज्ञासा है कि कोर्ट आखिर क्या कार्यवाही ही करता है।

बुधवार को बाबरी मस्जिद विध्वंश की 25 वीं वर्ष गांठ है। उसके एक दिन पहले पिछले सात साल से लंबित मामले की सुनवाई शुरू होगी, सुनवाई करने वाली बेंच में चीफ जास्टिस दीपक मिश्रा के अलावा अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर भी होंगे। इस मुकदमें की सुनवाई के लिए सभी पक्षकार अपनी-अपनी तैयारी करके गए है। जो सुनवाई शुरू होते ही अपनी-अपनी दलीले रखेंगे।

बताते चले कि 6 दिसम्बर 1992 में हजारों की संख्या में कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद का विध्वंश कर दिया था। तब लाठी चार्ज और गोलीबारी में कई लोगों की जाने गई थी। जल्दबाजी में एक अस्थाई राम मन्दिर बनाया गया। 16 दिसम्बर 1992 को विध्वंश जांच के लिए लिब्रहान आयोग गठित हुआ। 17 साल बाद आयोग प्रधानमंत्री मन मोहन सिंह को रिर्पोट सौंपी। इधर 30 सितम्बर 2010 को इलाहाबाद कोर्ट की लखनऊपीठने विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांट दिया, इसमें एक हिस्सा राम मन्दिर, दूसरा सुन्नी बक्फ बोर्ड ओर तीसरा निर्माेही अखाडे़ का मिला। 9 मई 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। 68 साल पुराने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई होने जा रही हैं।

रामलला विराजमान की ओर से पक्षकार महन्त धर्मदास का दावा है कि सभी सबूत, रिपोर्ट और भावनाएं मन्दिर के पक्ष में है। कोर्ट को हाईकोर्ट के फैसले और पक्षकारों की दलीलों के मद्देनजर यह तय करना है। कि आखिर इस मुकदमें का निपटारा कैसे किया जाये।



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