पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केन्द्र सरकार पर बड़ा हमला बो"/>

नोटबंदी संगठित लूट मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केन्द्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि नोटबंदी एक संगठित लूट थी और राजनीतिक फायदे के लिए फैसला लिया गया।
मनमोहन सिंह देश के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री भी हैं। ऐसे में उनका बयान काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। चूंकि स्वयं पीएम भी रहे और इनके ही कार्यकाल में दर्जनों घोटालों का ऐसा रिकॉर्ड कायम है कि जनता ने कांग्रेस को रिकॉर्ड से भी कम सीट पर विजित होने दिया।

एक प्रधानमंत्री के तौर पर बहुत अच्छी छवि रही नहीं उपरांत उनका ये बयान जनता के मन में कितना असरकारक होगाए यह हिमाचल एवं गुजरात चुनाव का परिणाम दूध का दूध पानी का पानी कर देगा। हालांकि नोटबंदी के बाद से विपक्ष कितना भी तिलमिलाया हो लेकिन बीजेपी बढ़त बनाती रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से फतह हासिल होना एक बड़ा प्रमाण था।

गौर करने योग्य यह है कि चुनावी जीत हार से नोटबंदी को अच्छा और बुरा नहीं कहा जा सकता बल्कि वक्त के साथ वैश्विक पटल से सबकुछ स्पष्ट होने लगता है। वर्ल्ड बैंक ने हाल ही में कहा कि 2022 तक भारत से गरीबी खत्म हो सकती है। बशर्ते अर्थव्यवस्था सुदृढ होनी चाहिए। नोटबंदी के बाद थोड़ी अव्यवस्था जायज है लेकिन इसके दूरगामी परिणाम अच्छे होने के आसार अधिक महसूस होते हैंए फिर भी पूर्व पीएम का बयान कहा जाए अथवा कांग्रेस की डूबती नैय्या को बचाने वाले खेवनहार का बयान कहा जाए। मनमोहन सिंह जैसे व्यक्तित्व से आलोचना से ज्यादा सुझाव की अपेक्षा रहती है। जो शायद भारतीय राजनीति से लगभग गायब हो चुका है।



चर्चित खबरें