पशु तो सिर्फ पशु हैं। उनका स्वभाव पशुता है लेकिन मानव "/>

हेमामालिनी एवं श्रीकांत शर्मा के राजनैतिक घर में गैंग रेप की घटना

पशु तो सिर्फ पशु हैं। उनका स्वभाव पशुता है लेकिन मानव का स्वभाव मानवता होने के बावजूद पशुता से घिनौनी हरकत की ओर बढ़ता जा रहा है। भारत देश में ही कहा गया है कि "यत्र नारी पूज्यंते तत्र रमन्ते देवता"। फिर भी भारत में चारो तरफ से बलात्कार और छेड़खानी की घटनाएं हमें शर्मसार कर देती हैं।

हफ्ते भर में मथुरा में दो रेप
कुछ दिन पूर्व मथुरा के एक मंदिर से साध्वी के साथ छेड़खानी व बलात्कार की घटना सामने आई थी। अभी उस घटना को एक हफ्ता भी नहीं बीता कि पुनः कानून व्यवस्था को चिढ़ाती हुई, समाज को शर्मसार करती हुई मथुरा के राया से गैंगरेप की घटना सामने आ गई।

निर्भया काण्ड के बाद महसूस होता था कि समाज जागरूक होगा और बलात्कार ना हों इसके लिए इंसान कुछ ना कुछ प्रयास करेगें। परंतु शायद अब जटायू स्वभाव के लोगों की कमी हैं, जो किसी की बेटी और महिला को रेप व छेड़खानी की घटना से बचाने का प्रयास मात्र कर सकें।

ऊर्जा मंत्री का विधायकी क्षेत्र एवं हेमामालिनी सांसद हैं
मथुरा कोई साधारण सी जगह आज भी नहीं है। जितना इसका ऐतिहासिक धार्मिक महत्व है। उतना ही राजनीतिक महत्व भी है। यहाँ से सिनेस्टार व भाजपा नेत्री हेमामालिनी सांसद हैं एवं भाजपा के प्रवक्ता तथा ऊर्जा मंत्री यहाँ के विधायक हैं। कृष्ण की नगरी में हेमा और श्रीकांत के रहते योगी सरकार में जिस प्रकार से बलात्कार व छेड़खानी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। उससे प्रतीत होने लगता है कि आखिर सपा बसपा की सरकार और भाजपा सरकार में अंतर ही क्या रह गया है ? सांसद हेमामालिनी के लिए पूर्व में बकायद गायब रहने के पोस्टर भी लग चुके हैं और शायद जब से उनका एक्सीडेंट हुआ तब से सुनने को नहीं मिला कि वे मथुरा पहुंची भी हैं या नहीं !

श्रीकांत शर्मा के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी के साथ लंबा राजनीतिक कैरियर भी है। जिसके दांव में लगने से पहले ही उन्हें मथुरा में कानून व्यवस्था सुदृढ करनी चाहिए। हाल-फिलहाल समाज इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश ना लगने से हतप्रभ है। वाकई बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस प्रक्रिया के तहत कार्यवाही पर अवश्य डटी है किन्तु ऐसी घटना ना हो इसके लिए प्रयास करना जरूरी है।



चर्चित खबरें