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सीएम की मुलाकात के बाद भी महापौर चुनाव बिल पर सस्पेंस बरकरार

भोपाल, 

प्रदेश में महापौर के अप्रत्यक्ष चुनाव के अध्यादेश पर राजभवन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुलाकात के 18 घंटे बाद भी कोई फैसला नहीं किया है। न ही राजभवन की ओर से अभी तक कोई स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में संभावना है कि राज्यपाल लालजी टंडन आज शाम तक अध्यादेश पर अपना फैसला ले सकते हैं। खबर है कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद राज्यपाल अध्यादेश को मंजूरी देने के पक्ष में है। हालांकि खबर लिखे जाने तक राजभवन की चुप्पी बरकरार रही। 

महापौर चुनाव से जुड़े अध्यादेश पर राजभवन की ओर से आज फैसला लेने की पूरी संभावना है। हालांकि सोमवार को अध्यादेश को लेकर दिनभर सियासी सरगर्मियां रहीं। पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल से मुलाकात कर अध्यादेश को रद्द करने की मांग की। इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात की।

इस मुलाकात को अध्यादेश की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। क्योंकि कांग्रेस नेताओं की बयानवाजी से राज्यपाल नाराज थे, मुख्यमंत्री ने उनकी नाराजगी को दूर किया। सीएम से मुलाकात के बाद ऐसी अटकलें थीं कि राज्यपाल सोमवार देर शाम तक अध्यादेश को मंजूरी दे सकते हैं, लेकिन आज सुबह तक राजभवन ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया।

संभवत: आज शाम तक इस पर कोई फैसला आए। प्रदेश भर की नजर इस फैसले पर टिकीं हुई हैं। क्योंकि अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया से महापौर चुनाव कराए जाने के राज्य सरकार के फैसले के बाद कई नेता महापौर के लिए दावेदारी करने में जुट गए हैं। साथ ही नई व्यवस्था लागू होने से कई दावेदारों को झटका लग सकता है। 

इधर भाजपा ने राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने का ऐलान किया है। हालांकि अभी भाजपा को राजभवन के फैसले का इंतजार है। भाजपा कोर्ट जाने के लिए कानून विशेषज्ञों की सलाह ले रही हैं।  

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