< हार के बाद BSP का SP के साथ गठबंधन से मोहभंग, 11 सीटों पर विधानसभा उप चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब राजनीतिक दल समीक्षा कर"/>

हार के बाद BSP का SP के साथ गठबंधन से मोहभंग, 11 सीटों पर विधानसभा उप चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब राजनीतिक दल समीक्षा करने लग गए हैं। बसपा, सपा व राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं के बीच हुए गठबंधन का उम्मीदों के हिसाब से रिजल्ट नहीं मिल पाया। जिसकी वजह से इनकी सीटों की संख्या कम रही। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सीटें कम रह जाने के कारणों को खोजना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं के साथ समीक्षा बैठक की, इस बैठक में प्रदेश के बसपा जिला अध्यक्ष, मंडल कोऑर्डिनेटर, नवनिर्वाचित सांसद, पराजित प्रत्याशियों तथा अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में ये बातें सामने आई। 

उन्होंने बैठक में कहा है कि अब यूपी के 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। छह महीने में ही उप चुनाव होने हैं। 11 सीट पर होने वाले उप चुनाव में बसपा और सपा के एक-एक विधायक जीतकर संसद पहुंचे हैं। जलालपुर से बसपा विधायक रितेश पांडेय अम्बेडकरनगर से चुने गए हैं और रामपुर से सपा के आजम खान सांसद बने हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को मात्र पांच सीट मिली हैं। इनमें भी तीन सीट यादव परिवार ने गंवा दी है। लोकसभा चुनाव 2014 में एक भी सीटें न जीत पाने वाली बसपा को दस सीट मिली हैं। इस नतीजे के बाद समाजवादी पार्टी में अंदर ही अंदर इस बात की चर्चा की थी कि बसपा का वोट सपा को ट्रांसफर नहीं हुआ था। इस बात की आशंका सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने पहले ही जता दी थी और उनकी बात सही साबित हुई। बसपा के साथ गठबंधन के बावजूद समाजवादी पार्टी को महज पांच सीटें ही मिली हैं। इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी के दुर्ग कहे जाने वाले कन्नौज, बदायूं और फिरोजाबाद में परिवार के सदस्य चुनाव हार गए। 

बसपा का उपचुनाव लडऩे का फैसला चौंकाने वाला है। बसपा के इतिहास को देखें तो पार्टी उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारती। 2018 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे और सपा को समर्थन किया था। इसी आधार पर लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन बना।

अब अगर मायावती अकेले चुनाव में उतरने का फैसला करती हैं तो गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठाना लाजिमी है। सपा से गठबंधन के तहत बसपा ने 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें सिर्फ 10 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई। 37 सीटों पर चुनाव लडऩे वाली सपा के खाते में महज पांच सीटें ही आई। तीन सीट पर लड़ी राष्ट्रीय लोकदल का तो खाता ही नहीं खुला। बसपा प्रमुख मायावती लोकसभा चुनाव परिणाम की पिछले तीन दिनों से राज्यवार समीक्षा कर रही हैं।

आरएस कुशवाहा ने हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा

आज की बैठक के बाद यूपी बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा। उनका तर्क था कि ईवीएम घोटाले की वजह से अनुकूल नतीजे नहीं आए। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर पार्टी ने पहले भी आवाज उठाई थी और आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बसपा की मांग है कि बैलट पेपर से चुनाव हो। श्रावस्ती से नवनिर्वाचित बसपा सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने ईवीएम घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। हम लोग पहले से कह रहे हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए, जिसे ना तो चुनाव आयोग मान रहा है, ना सरकार मान रही है। हम चाहते हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए, जो निष्पक्ष हो। बहनजी जो भी दिशा निर्देश देंगी, हम उसका पालन करेंगे। 

 

11 सीटों पर होंगे विधानसभा उपचुनाव

उत्तर प्रदेश से इस बार 11 विधायक लोकसभा का चुनाव जीते हैं। लखनऊ कैंट से भाजपा विधायक डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, आगरा के टूंडला से भाजपा विधायक एसपी सिंह बघेल, कानपुर के गोविंदनगर से बीजेपी विधायक सत्यदेव पचौरी, प्रतापगढ़ से अपना दल विधायक संगम लाल गुप्ता, सहारनपुर के गंगोह से भाजपा विधायक प्रदीप कुमार, बांदा के मानिकपुर से भाजपा आरके पटेल, बाराबंकी के जैदपुर से भाजपा विधायक उपेंद्र रावत, बहराइच के बलहा से भाजपा विधायक अक्षयवर लाल गोंड, अलीगढ़ के इगलास से भाजपा विधायक राजवीर सिंह लोकसभा चुनाव जीते हैं। रामपुर सदर से समाजवादी पार्टी के विधायक आजम खां और अंबेडकरनगर के जलालपुर से बसपा विधायक रितेश पांडेय लोकसभा का चुनाव जीते हैं। इन सभी 11 सीटों पर छह महीने के अंदर उपचुनाव होने वाले हैं। यह साफ नहीं है कि बसपा सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी  उतारेगी, लेकिन इतना तय है कि अकेले चुनाव लड़ेगी।

About the Reporter

  • ,

अन्य खबर

चर्चित खबरें