< समलैंगिकता सेना में स्वीकार नहीं - जनरल बिपिन रावत  Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि गे सेक्स को अपराध से बाह"/>

समलैंगिकता सेना में स्वीकार नहीं - जनरल बिपिन रावत 

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि गे सेक्स को अपराध से बाहर करने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला सेना में लागू नहीं किया जा सकता है। रावत ने कहा कि सेना में ऐसे संबंधों पर रोक है, 'हम सेना में इसकी अनुमति नहीं देंगे।' ज्ञात रहे कि पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने अपने ऐतिहासिक फैसले में आईपीसी की धारा 377 के उस प्रावधान को रद्द कर दिया था, जिसके तहत बालिगों के बीच सहमति से समलैंगिक संबंध अपराध था। खास बात यह है कि यह फैसला एकमत से दिया गया था। 158 साल पुराने कानून को सुप्रीम कोर्ट ने समानता के अधिकार का उल्लंघन माना था। 

अडल्टरी पर कोर्ट के फैसले के बारे में पूछे जाने पर आर्मी चीफ ने कहा कि आर्मी कंजर्वेटिव है। उन्होंने कहा, 'हम इसे सेना में लागू करने की इजाजत नहीं दे सकते हैं।' पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने औपनिवेशिक काल के ऐंटी-अडल्टरी कानून को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि यह असंवैधानिक है। 

गौरतलब है कि समलैंगिकता को अपराध रहने देने की दलील देने वाले सुरेश कुमार कौशल (जिनकी अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने धारा-377 की वैधता को बहाल किया था) ने तर्क रखा था कि अगर धारा-377 के तहत दो बालिगों के बीच समलैंगिक संबंध को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा तो इससे देश की सुरक्षा को खतरा हो जाएगा। यह भी कहा गया था कि जवान जो परिवार से दूर रहते हैं वे अन्य जवानों के साथ सेक्शुअल ऐक्टिविटी में शामिल हो सकते हैं। इससे भारत में पुरुष वेश्यावृति को बढ़ावा मिलेगा। 
 

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