< आर्थिक सवर्ण बिल राज्यसभा में पास, राष्ट्रपति की मंजूरी होगी आवश्यक Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा एवं रोजगार "/>

आर्थिक सवर्ण बिल राज्यसभा में पास, राष्ट्रपति की मंजूरी होगी आवश्यक

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा 124वां संविधान संशोधन विधेयक बुधवार को राज्यसभा में भी पास हो गया। जबकि इसके पक्ष में 165 और विरोध में 7 वोट पड़े। लोकसभा ने एक दिन पहले मंगलवार को ही यह बिल बहुमत के साथ पारित कर दिया था। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। इससे पहले बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने के लिए कनिमोझी ने प्रस्ताव रखा था। हालांकि वोटिंग के दौरान इसके पक्ष में 18 और खिलाफ में 155 वोट पड़े जिसके साथ ही बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की मांग खारिज हो गई।

सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस विधेयक को राज्यों की मंजूरी लेने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे में इस विधेयक को मंजूरी के लिए अब सीधे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। कुछ विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लोकसभा चुनाव से पहले लाए जाने को लेकर सरकार की मंशा तथा इस विधेयक की न्यायिक समीक्षा में टिक पाने को लेकर आशंका जताई।

हालांकि सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिए लाया गया है।

विधेयक पास होने के फौरन बाद पीएम मोदी और राज्यसभा सांसद और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर इसका समर्थन करने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

राज्यसभा में बिल पर बहस के दौरान कुछ विपक्षी दलों के विरोध पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण केंद्र और राज्य दोनों तरह की सरकारी नौकरियों पर लागू होगा। वहीं राज्यों को यह अधिकार होगा कि वे इस आरक्षण के लिए अपना आर्थिक क्राइटेरिया तय कर सकें। इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए प्रसाद ने कहा कि यह मोदी सरकार का मैच जिताने वाला छक्का है। अभी इस मैच में विकास से जुड़े और भी छक्के देखने को मिलेंगे।

About the Reporter

  • ,

अन्य खबर

चर्चित खबरें