< 150 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा मे दस्तक दी तितली ने Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News बंगाल की खाड़ी में बन रहे दबाव के कारण आया चक्रवाती तूफान 'ति"/>

150 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा मे दस्तक दी तितली ने

बंगाल की खाड़ी में बन रहे दबाव के कारण आया चक्रवाती तूफान 'तितली' ने अब और खतरनाक रूप धारण कर लिया है । ओडिशा के तटीय इलाके गोपालपुर में इस तूफान की तबाही देखने को मिली।

इलाके में तेज हवाओं के साथ ही तेज बारिश भी हो रही है। कई जगहों पर भूस्खलन भी हुआ है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश ने इस चक्रवाती तूफान के खतरे को भाँपते हुए राज्य के तटीय इलाकों से करीब 3 लाख लोगों को पहले ही बाहर निकाला है तथा  इसके साथ ही ओडिशा में 18 जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। 

गोपालपुर में निचले इलाकों में रह रहे करीब 10 हजार लोगों को बुधवार की रात ही वहां से निकालकर सरकारी आश्रय गृहों में भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि तितली चक्रवात प्रति घंटे 140-150 किमी. की गति से आगे बढ़ रहा है। 

ओडिशा के गोपालपुर में 102 किमी. प्रति घंटा और आंध्र प्रदेश के कालिंगपत्तनम ने 56 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। 

ओडिशा और आंध प्रदेश दोनों राज्यों में ऐहतियातन एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। बुधवार को ही चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक उच्चस्तरीय बैठक की थी

मौसम विभाग की सूचना के बाद ओडिशा सरकार ने पांच तटीय जिलों गंजाम, पुरी, खुर्द, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा में रहने वाले करीब तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। 

मुख्यमंत्री ने इन जिलों के जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आपदा में कोई दुर्घटना न हो। 

उन्होंने शुक्रवार तक स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है। आज होने वाले छात्रसंघ चुनाव को भी टाल दिया गया है।

उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट पर तितली के प्रभाव को देखते हुए खुर्द रोड और विजयानगरम के बीच बुधवार रात 10 बजे से रेल सेवाए भी बंद कर दी गई हैं।

आवश्यकता पड़ने पर सेना की भी सहायता ली जा सकती है 

राज्य के मुख्य सचिव एपी पधी ने कहा है कि पांचों असुरक्षित जिलों में एनडीआरफ और ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स के जवान पहले से ही तैनात हैं।

जरूरत पड़ी तो सेना की भी मदद ली जाएगी। वहीं, बीपी सेठी ने कहा कि ओडिशा सरकार इस आपदा से निपटने को तैयार है।

विशेष राहत संगठनों के कम-से-कम 300 इंजनयुक्त नौकाओं को विभिन्न जिलों में तैयार रखा गया है। हालात को देखते हुए वायु सेना और थल सेना को भी सूचना दे दी गई है।

 

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