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ब्रह्मोस जासूसी: निशांत संवेदनशील काम में लगे होने के बावजूद भी काफी लापरवाह था

दो लड़कियों के फर्जी फेसबुक अकाउंट से पाक खुफिया सदस्यों के संपर्क में था

ब्रह्मोस जासूसी मामले के उजागर होने के बाद आरोपी निशांत अग्रवाल के बारे में यह खुलासा हुआ है कि वह काफी लापरवाह था। उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ब्रह्मोस इंजिनियर निशांत  फेसबुक पर नेहा शर्मा और पूजा रंजन नाम से चल रहे दो फर्जी अकाउंट के जरिए पाकिस्तान के संदिग्ध खुफिया सदस्यों से संपर्क में था। साथ ही अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि अग्रवाल बहुत संवेदनशील काम में लगे होने के बावजूद काफी लापरवाह था। इसके चलते वह पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी का आसान शिकार बन गया।

यूपी एटीएस ने मंगलवार को नागपुर में जूनियर मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एसएम जोशी की अदालत में निशांत को पेश कर उसे लखनऊ ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी। महाराष्ट्र एटीएस की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक एसजे बागडे ने कहा कि अदालत ने यूपी एटीएस के लिए तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की है। यूपी एटीएस ने कोर्ट को बताया कि निशांत अग्रवाल बहुत संवेदनशील काम में लगे होने के बावजूद इंटरनेट इस्तेमाल करने को लेकर काफी लापरवाह था। इसके चलते वह पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी का आसान शिकार बना। एटीएस सूत्रों के मुताबिक निशांत सोशल मीडिया साइट लिंक्डइन के जरिए भी पाकिस्तानियों के संपर्क में था।

यूपी पुलिस के मुताबिक पाक खुफिया एजेंसी द्वारा संचालित दोनों फर्जी फेसबुक अकाउंट्स में से नेहा ने खुद को लंदन बेस्ड बताया था जबकि रंजन ने कहा था कि वह अमेरिका के शिकागो में रहती है। हालांकि सच्चाई यह थी कि दोनों ही फर्जी नामों से अकाउंट इस्लामाबाद से संचालित किए जा रहे थे।

उधर, निशांत के पिता प्रदीप अग्रवाल ने कहा है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि उनके बेटे ने ऐसा कुछ किया है। आशंका जताई जा रही है कि उसने इस जरिए से ही पाकिस्तान में सूचनाएं भेजी हैं। हालांकि अभी एटीएस के अधिकारी निशांत के घर और दफ्तर से बरामद डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर इसकी पुष्टि में लगी है। एटीएस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी के निजी लैपटॉप में पीडीएफ फॉरमेट में विशेष फाइलें मिली हैं।

जांच अधिकारी ने कहा कि ये सब शीर्ष गोपनीय सूचनाएं हैं, जिन्हें अगर साझा किया जाए तो यह देश के लिए खतरा हो सकता है। गौरतलब है कि निशांत को सोमवार को नागपुर के वर्धा रोड केंद्र से गिरफ्तार किया गया था। उस पर भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के मिलिटरी इंडस्ट्रियल कनसोर्टियम के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस ऐरोस्पेस से जुड़ी सूचनाएं लीक करने का आरोप है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एटीएस सूत्रों ने सोमवार को कहा था कि नागपुर स्थित उसके आवास से एक कम्प्यूटर जब्त किया गया है जिससे गोपनीय दस्तावेज मौजूद हैं। सूत्रों ने कहा कि अग्रवाल के रुड़की स्थित आवास से एक पुराना कम्प्यूटर भी जब्त किया गया है और इसकी सामग्री की जांच की जा रही है।

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