< सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पुडुचेरी की तुलना दिल्ली से नहीं की जा सकती Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News मुख्यमंत्री नारायण सामी के उम्मीदों को लगा झटका

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पुडुचेरी की तुलना दिल्ली से नहीं की जा सकती

मुख्यमंत्री नारायण सामी के उम्मीदों को लगा झटका

पुडुचेरी मुख्यमंत्री नारायण सामी के उम्मीदों को उस समय झटका लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुडुचेरी की तुलना दिल्ली के मामले से नहीं की जा सकती क्योंकि पुडुचेरी के शासन का प्रावधान राष्ट्रीय राजधानी से संबंधित प्रावधान से अलग है। शीर्ष अदालत ने कहा कि पुडुचेरी का मामला केन्द्र शासित प्रदेशों अंडमान निकोबार द्वीप समूह, दमन और दीव, दादर नागर हवेली, लक्षद्वीप और चंडीगढ से भी अलग है। पीठ ने कहा कि पुडुचेरी का शासन संविधान के अनुच्छेद 239 ए के अनुसार चलता है जबकि दिल्ली के शासन के लिये पृथक अनुच्छेद 239 एए उपलब्ध है। खास बात यह है कि उपराज्यपाल किरन बेदी के साथ टकराव में उलझे पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने शीर्ष अदालत के फैसले की प्रशंसा करते हुये कहा है कि यह पुडुचेरी पर भी ‘पूरी तरह से लागू ’ होता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का ‘मूल तत्व’ है क्योंकि यह जनता में जुड़ाव की भावना पैदा करता है। यह पूरी तरह से जरूरी है कि जनता की इच्छा लागू हो।

न्यायालय ने साथ ही कहा कि निर्वाचित सरकार को इस ‘संवैधानिक स्थिति’ को स्वीकार करना चाहिये कि दिल्ली राज्य नहीं है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि उपराज्यपाल मंत्रीपरिषद की सलाह द्वारा बाध्य हैं और उनके पास निर्णय करने की कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है। इस बीच, कानूनी विशेषज्ञों ने उच्चतम न्यायालय के आज के ऐतिहासिक फैसले की प्रशंसा की। पूर्व अटार्नी जनरल सोली सोराबाजी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अच्छा फैसला सुनाया है। उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार को सौहार्दपूर्ण माहौल में काम करना होगा। वे हमेशा टकराव की स्थिति में नहीं रह सकते। रोज की खटपट लोकतंत्र के लिये अच्छी नहीं है। मैं फैसले का स्वागत करता हूं। उधर, वरिष्ठ वकील एवं कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी ने आशा जताई कि अब उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच ‘गतिरोध का दुखद अध्याय’ बंद होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि इस फैसले ने केन्द्र शासित प्रदेशों में भी लोकतंत्र के दायरे को बढाया है।

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें