< स्वेटर वितरण पर माफियाओं ने गढ़ाईं आंखें Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News जिले के प्राईमरी व जूनियर हाईस्कूलों में अध्ययनरत करीब पौने दो "/>

स्वेटर वितरण पर माफियाओं ने गढ़ाईं आंखें

जिले के प्राईमरी व जूनियर हाईस्कूलों में अध्ययनरत करीब पौने दो लाख बच्चों को स्वेटर वितरण निर्धारित समय तक होना असंभव साबित हो रहा है। वहीं माफियाओं में औने-पौने तरीकों से टेण्डर के जरिए स्वेटर वितरण का जिम्मा लेने की होड़ मची हुई है। शासन से स्वेटर वितरण के लिए तीस दिन निर्धारित किये गये हैं, लेकिन बीस दिन शेष रहने के बावजूद भी न तो टेण्डर प्रक्रिया को सार्वजनिक किया गया और न ही शासन की मंशानुरूप स्वेटर वितरण का प्रचार-प्रसार भी नहीं किया गया है। कहा जाये तो शासन से धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी स्वेटर वितरण की प्रक्रिया गुपचुप तरीके से किये जाने की चर्चायें व्याप्त है। जिसके लिए ठेकेदार माफियाओं ने विभाग के चक्कर काटने शुरू कर दिये हैं।

प्रदेश सरकार ने ठिठुरन भरी ठण्ड से गरीब परिवार के प्राईमरी व जूनियर हाईस्कूल में अध्ययनरत बच्चों को स्वेटर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किये हैं। जिसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति में अध्यक्ष जिलाधिकारी, सदस्य मुख्य विकास अधिकारी, वरिष्ठतम उप जिलाधिकारी जो कि डीएम द्वारा नामित किया जाये, महाप्रबंधक/प्रबंधक उद्योग विभाग, मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी व सदस्य सचिव पद पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है। इसके अलावा स्वेटर वितरण के लिए विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक/इंचार्ज अध्यापक सदस्य सचिव व एसएमसी सदस्य के लिए नामित सदस्य के अलावा अभिभावक या संरक्षक जो समिति द्वारा नामित किया गया हो को शामिल किये जाने के निर्देश हैं।

प्रत्येक विद्यालय की एसएमसी समिति के जरिए स्वेटर खरीद की जानी है, जिसके लिए शासन से 200 रुपये प्रति स्वेटर मूल्य तय किया गया है। अब सवाल यह उठता है कि बीस दिन शेष रहने के बावजूद जिला स्तर पर कब टेण्डर प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जायेगा, कब स्वेटर वितरण का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा और आखिरकार कब तक बच्चों तक स्वेटर पहुंच सकेगा। यह भविष्य की गर्त में हैं ?

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