website statistics
भारत एक युवा देश है और राष्ट्र युवा ऊर्जा का धनी राष्ट्र कहा जा रह"/>

युवाओं की ऊर्जा को आक्सीजन का स्वरूप प्रदान करें : युवा दिवस

भारत एक युवा देश है और राष्ट्र युवा ऊर्जा का धनी राष्ट्र कहा जा रहा है। ऊर्जा दो तरह की होती है, सकारात्मक ऊर्जा व नकारात्मक ऊर्जा। ऊर्जा है, यह सार्वभौमिक सत्य है। इस ऊर्जा का एक पहलू यह भी है कि नकारात्मक ऊर्जा को नगण्य कर सकारात्मक ऊर्जा का बड़ा प्रतिशत धरोहर के रूप में संरक्षित कर लें।

अगर नकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ा, तो यह देश के लिए किसी भी विभीषिका से बड़ा खतरा है। जिसे संभालने व संवर्धित करने में बड़ा बल व लंबा वक्त लग सकता है। संभव है कि संभाले ना संभले।

इसलिये भारत नामक राष्ट्र के समक्ष बड़ी चुनौती है कि युवा ऊर्जा का सदुपयोग कब और कैसे हो ? इस सच्चाई से दरकिनार नहींं हुआ जा सकता है कि युवाओं को सही माहौल और उचित रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इनकी ऊर्जा का सदुपयोग हो ही नहीं रहा। बतौर राजनीतिक दल किसी भी प्रकार से ऊर्जावान युवाओं का दोहन कर लेते हैं। ये बड़ी सच्चाई है कि बेरोजगार युवा राजनीतिक दलों के धरना प्रदर्शन व रैली आदि में बेजा ऊर्जा जाया कर रहे हैं। फुरसत के क्षणों में और करें भी क्या ? एक उम्मीद के तहत वे भी जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं।
परंतु जब सरकार बन जाती है, तब उनकी ओर निहारने वाला कोई होता नहींं और सरकार द्वारा सिस्टम भी इतना सुदृढ नहीं किया जा रहा कि युवाओं को ऊर्जा व्यय करने काा संतोष हो। हमें युवा ऊर्जा कीी खुशफहमी से अधिक धरातल पर युवाओं को भारत नाम इमारत केे नींव का पत्थर बनाने की कोशिश करनी चाहिए। जिसके फलस्वरूप भारत ताजमहल के समान वैश्विक केन्द्र पर अद्भुत इमारत के रूप में तैयार हो सकता है।

हमारे सामने युवाओं को अवसाद से बचानेे की बड़ी चुनौती है और यह चुनौती समाज व सरकार को संयुक्त रूप से है। परिवार नामक संस्था में बदलते वक्त के साथ युवाओं की देखभाल आवश्यक है। जिसमें समाज पिछड़ता नजर आ रहा है और सरकार रोजगार देने में अब तक अक्षम ही है। युवा दिवस स्वामी विवेकानंद की याद में मनाया जाता है और देख सुन कर अच्छा लगता है। फिर भी वास्तविक युवा दिवस तभी मनेगा, जब समाज में परिवार और सरकार दोनों ही सजगता से युवाओं की ऊर्जा को आक्सीजन का स्वरूप प्रदान कर सकें।

About the Reporter

अन्य खबर



चर्चित खबरें