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महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को धर्मस्थ"/>

जगद्गुरु ने दिव्यांगों के लिये किये अतुलनीय कार्य: राष्ट्रपति -विवि के सातवे दीक्षांत समारोह में शोधार्थियों को दिया गोल्ड मेडल

महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को धर्मस्थली जैसे ही उडनखटोला से उतरे तो राज्यपाल व मुख्यमंत्री समेत मंत्रीगणों ने उनकी अगवानी की। यहां से ई-रिक्शा में बैठकर डीआरआई में राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा का अनावरण कर प्रदर्शनी देखी। इसके बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्व विद्यालय में आयोजित सातवे दीक्षांत समारोह में शामिल हुये। इस दौरान उप्र के राज्यपाल रामनाईक, कुलाधिपति जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पुष्पगुच्ट भेंट कर स्वागत किया।

जेआरएचयू के दीक्षांत समारोह का शुभारंभ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मां सरस्वती के प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित व माल्यार्पण कर किया। राष्ट्रगान के बाद समारोह की शुरुआत हुई। इस दौरान राष्ट्रपति व राज्यपाल ने शोधार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किये। महामहिम राष्ट्रपति ने समारोह में संबोधित करते हुये कहा कि जगद्गुरु ने दिव्यांगजनों के लिये जो कार्य किया है वह अतुलनीय है। यह विश्व विद्यालय दिव्यांगों के लिये अनूठा मंदिर है। कुलाधिपति ने दिव्यांगता की चुनौतियों का सामना करते हुये आज यह मुकाम खडा किया है। विद्याार्थियों को इनसे सीख लेना चाहिये। उन्होंने कहा कि अरुणिमा सिन्हा ने ट्रेन दुर्घटना में एक पैर गंवाने के बावजूद विश्व की सबसे ऊंची एवरेस्ट चोटी समेत कई शिखरों पर झण्डा फहराया है।

राज्यपाल रामनाइक ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति को उप्र से विशेष लगाव है। उन्होंने एक माह में चार बार प्रदेश का भ्रमण किया है। कहा कि आगरा, लखनऊ, इलाहाबाद का भ्रमण कर विकलांग विवि के दीक्षांत समारोह में आये हैं। कहा कि 28 विश्व विद्यालयों के कुलाधिपति व राज्यपाल होने के नाते आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि परिश्रम और प्रमाणिकता के आधार पर जीवन में सफलता मिलती है। जो चलता है उसीका भाग्य चलता है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकलांगों को दिव्यांग नाम दिया है। उनकी यह केाशिश रहेगी यह विद्यालय विकलांग विश्व विद्यालय न होकर दिव्यांग विश्व विद्यालय के नाम से आगे बढे। विवि के कुलाधिपति जगदगुरु रामभद्राचार्य ने समापन करते हुये कहा कि उन्होंने अभी तक 156 पुस्तकें लिखी है। दीक्षांत का मतलब दीक्षा का अंत नहीं है। दीक्षांत का अर्थ है जहां दीक्षा के सिद्धांत की रचना की जाये। उन्होंने दिव्यांग छात्रों से राष्ट्र के प्रति समर्पित होने का आवाहन किया। इस मौके पर कुलपति प्रो योगेशचन्द्र दुबे के अलावा कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत गणमान्य नागरिक व प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।

 

About the Reporter

  • राजकुमार याज्ञिक

    चित्रकूट जनपद के ब्यूरो चीफ एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार याज्ञिक चित्रकूट जनपद के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। पत्रकारिता में स्नातक श्री याज्ञिक मुख्यतः सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं।, .



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