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स्वच्छ भारत मिशन के तहत केन्द्रीय टीम चित्रकूट धाम म"/>

स्वच्छता मे ज्यादा अंक बटोरने की मण्डल में होड़

स्वच्छ भारत मिशन के तहत केन्द्रीय टीम चित्रकूट धाम मण्डल के चारों जनपदों का निरीक्षण करेंगी और शहर स्वच्छता रैकिंग के आधार पर अंक देगी। इसके लिए मण्डल मुख्यालय में नगर पंचायत और नगर पालिका के कर्मचारी रात को भी सफाई में जुटे हैं।

पिछले साल भारत सरकार की टीम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत निरीक्षण किया था। इस में चित्रकूट धाम मण्डल मुख्यालय को 13 वां और मण्डल मुख्यालय की नगर पालिका को 231 वीं रैंक मिली थी। इस बार केन्द्रीय टीम मुख्यालय नगर पालिका के अलावा नगर पंचायतों को सर्वे करेगी। 8 से 10 जनवरी तक सर्वे करने आ रही। टीम का नेतृत्व आईएएस अधिकारी करंेगे। यह टीम मण्डल में रूककर नगरों में जाम की समस्या, पार्को की सफाई और सड़कों की नालियों में सफाई का निरीक्षण करेगी।

स्वच्छता रैकिंग में अव्वल आने के लिए जनपद की दो नगर पलिकाओं और छह नगर पंचायत के अधिकारी व कर्मचारी शहरों को चमकाने में लग गए है। स्वच्छता में बाजी मारने की होड़ में दिन रात सफाई अभियान शुरू है। यहां तक कि जिलाधिकारी बाँदा महेन्द्र बहादुर सिंह सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से शहर को स्वच्छ बनाये रखने की अपील कर रहे है और कल छह जनवरी को ‘विशेष स्वच्छता दिवस’ मनाने का ऐलान करते हुए सभी नगर पंचायतों व नगर पालिकाओं में स्वच्छता अभियान के दौरान लोगों से सहभागी बनने की अपील की है।

डीएम की पहल पर बाँदा नगर पालिका ने भी डोर टू डोर कूडा उठाने की मुहिम शुरू की है। रात में भी वार्डवार सफाई अभियान शुरू है। नगर पंचायतों में भी स्वच्छता अभियान को गति दी जा रही है। इस सम्बन्ध में नगर पालिका परिषद बाँदा के अध्यक्ष मोहन साहू स्वंय मेहनत कर रहे है। उनका कहना है कि स्वच्छता अभियान में हम किसी से पीछे नही रहेंगे। चाहे इसके लिए हमें दिन रात मेहनत क्यों न करनी पड़ी।

केन्द्रीय टीम के अधिकारी सर्वेक्षण के दौरान जनता से भी सवाल पूछेंगे। इन छह सवालों के जबाव देने होंगे क्या आप जानते है। आपका शहर स्वच्छता रैकिग के लिए हो रहे सर्वेक्षण के इस साल भाग ले रहे है। क्या पिछले साल के मुकाबले आपका क्षेत्र साफ है। इस साल क्या आपने सार्वजानिक क्षेत्रों में कूडेदानों का प्रयोग शुरू किया है। आप घर को अलग-अलग कचरा एकत्र करने की व्यवस्था से संतुष्ट है। क्या आपको लगता है कि पिछले साल के मुकाबले टायलेट व शौचालय की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। खुले में शौच की स्थिति क्या है। सामुदायिक शौचालय साफ है ? रैकिंग तीन चरणों में होगी कुल चार हजार अंको के आधार पर शहर को टैकिंग मिलेगी।

इनमें पहले चरण में 1400 अंक स्वच्छता को लेकर उठाये गए कदमों पर मिलेगे जो पालिका कार्यालय निरीक्षण के आधार पर मिलेंगे। इसके अलावा 1200 अंकों का टीम अकेले शहर में कही भी निरीक्षण करेंगी जहां से वह स्वच्छता पर नम्बर देगी इसके बाद 1400 अंको का वह शहर वासियों से छह सवाल करेगी। इनके जवाब के आधार पर अंक दिये जायेंगे।



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