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साहित्य अकादमी, म.प्र. संस्कृति परिषद, भोपाल की स्थानीय इकाई साग"/>

पाठक मंच ने किया पुस्तक चर्चा और काव्य-गोष्ठी से नव-वर्षाभिनंदन

साहित्य अकादमी, म.प्र. संस्कृति परिषद, भोपाल की स्थानीय इकाई सागर पाठक मंच ने अपनी 52 वीं गोष्ठी में नववर्ष का अभिनंदन लेखक अरुणेंद्र नाथ वर्मा के हास्य-व्यंग्य उपन्यास-‘जो घर फूंके आपना’ पर समीक्षात्मक चर्चा और काव्य-गोष्ठी से किया। मंगलवार को श्यामलम् संस्था के गोपालगंज स्थित कार्यालय में वरिष्ठ गांधीवादी शुकदेव प्रसाद तिवारी की अध्यक्षता, रीवा वि.वि. के पूर्व कुलपति प्रो. उदय जैन के मुख्य आतिथ्य तथा वरिष्ठ कवि निर्मल चंद निर्मल के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित इस गोष्ठी में व्यंग्य लेखक डाॅ. राजेश दुबे ने पुस्तक पर समीक्षा आलेख प्रस्तुत करते हुए कहा कि सैन्य जीवन की तनावपूर्ण जिंदगी में हास्य रक्षात्मक आवरण का काम करता है। देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति जैसे अत्यधिक महत्वपूर्ण हस्तियों के वायुयान पायलट के रुप में कार्यरत रहे विंग कमांडर अरुणेन्द्र वर्मा ने अपने सेवाकाल में स्वयं अनुभूत किये साथ ही वायुसेना के अन्य साथियों के कड़वे-मीठे अनुभवों को हास्य-व्यंग्य का पुट देते हुए बड़ी ही रोचकता और सत्यता के साथ इस उपन्यास में वर्णित किया है।

चर्चा में भाग लेते हुए सुप्रसिद्ध व्यंगकार डाॅ. सुरेश आचार्य ने कहा कि यदि व्यंग्य का प्रथम उपन्यास राग दरबारी है तो हास्य का प्रथम उपन्यास जो घर फूंके आपना है। उपन्यास में प्रच्छन्न रुप से 1962 में चीन के साथ युद्ध में भारतीय फौज की वास्तविक स्थिति पर भारी चोट है। उन्होंने उपन्यास को काफी मजेदार और अच्छा बताते हुए इसकी समीक्षा को साहित्य सरस्वती में प्रकाशित किए जाने की बात भी कही। उमाकांत मिश्र, कुंदन पाराशर, संतोष पाठक, डाॅ. सुश्री शरद सिंह, डाॅ.कुसुम सुरभि, किरणप्रभा मिश्र ने भी चर्चा में अपने विचार रखे।

प्रारंभ में अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पहार अर्पण व दीप प्रज्ज्वलन किया गया। श्यामलम् सचिव कपिल बैसाखिया ने पाठक मंच की परंपरानुसार श्रीफल भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय के छात्रों ने स्वस्ति वाचन कर सभी उपस्थितों के नववर्ष पर उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन की कामना की। केन्द्र संयोजक उमा कान्त मिश्रा ने पुस्तक लेखक का परिचय देते हुए आयोजन का विवरण दिया। प्रथम सत्र का संचालन साहित्यकार डाॅ. महेश तिवारी ने किया। आभार आशीष ज्योतिषी ने माना।

द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन हरीसिंह ठाकुर के संचालन में हुआ जिसमें कवि ऋषभ समैया जलज, डाॅ. अनिल जैन अनिल, वृंदावन राय सरल, पी.आर. मलैया, डाॅ. शरद सिंह, शिवरतन यादव, डाॅ. जी.आर. साक्षी, डाॅ. मनीष झा, आर.के. तिवारी, डाॅ. महेन्द्र खरे, कपिल बैसाखिया, हरलाल रायकवार, मुकेश तिवारी, आनंद मिश्र अकेला, श्रीराम शुक्ला, हरीसिंह ठाकुर और निर्मल चंद निर्मल ने अपनी मधुर काव्य रचनाओं का पाठ कर नव वर्ष का स्वागत किया।

रमाकान्त शास्त्री ने आभार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर जे.पी. पाण्डेय, किशनलाल पाहवा, डाॅ. लक्ष्मी पाण्डेय, राजेश पंडित, रमेश दुबे, ब्रजबिहारी उपाध्याय, दामोदर अग्निहोत्री, अवधबिहारी मिश्रा, डाॅ. अंजना चतुर्वेदी तिवारी, महेश प्रसाद मिश्र, रीतेश कुमार दुबे, महेन्द्र तिवारी एडवोकेट, हरगोविंद पांडे, अविजित मिश्र, अपूर्व मिश्र, अमीश साक्षी आदि उपस्थित थे।



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