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विकास से कोसो दूर खलौन ग्राम वासियों ने गांव की दुर्दशा देखने कलेक्टर को दिया निमंत्रण

आजदी के 70 साल होने के बावजूद आज भी अनेक ग्राम विकास के लिए दुर्दसा के आसू बहा रहें है चुनाव के समय जनप्रतिनिधी अनेक प्रकार के आश्वासन तथा घोषणाए करतें है लेकिन चुनाव जीतने के बाद विकास मे पीछे ग्रामों की ओर मुडकर नहीं देखतें हमारे देश के प्रधानमंत्री भारत को डिजिटल इंडिया, साईनिंग इडिया सहित विभिन्न नामो से नवाज रहें है लेकिन लगता है देश की हकीकत जानने का प्रयास नहीं कर रहें है क्योकी देश की 70 प्रतिशत आबादी ग्रामो निवास करती है और आजदी के 70 साल बीतनें के बावजूद आज भी ग्रामो में मूल भूत सुविधाए सडक, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ जैसी महत्वपूर्ण सुविधाए तक उपलब्ध नहीं करा पाए तो देस को साईनिंग डिजिटल, विश्व गुरू बनाने की थोथी कल्पना करना सरासर बेईमानी है।

इसी प्रकार का मामला जिले के अमानगंज तहसील अन्तर्गत ग्राम खलौन का है खलौन ग्राम के निवासियों ने जिला कलेक्टर मनोज खत्री को जनसुनवाई मे आवेदन देतें हुए बताया की हमारा ग्राम जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर छतरपुर, दमोह सीमा पवई विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आता है हमारे ग्राम में अभी सिर्फ 1 मात्र पुरानी प्राथमिक शाला के अलावा कुछ नहीं है चलने के लिए सुगम रास्ता नहीं है मतदान अन्य ग्राम झिराटा जाना पडता है पानी, बिजली, स्वास्थ, शिक्षा का आभाव है उन्होने बताया की अन्य जिलो की सीमा से लगा हुआ गांव होने के चलतें पन्ना जिले के विभागीय अधिकारी यह भी नहीं बता पाते की यह ग्राम पन्ना जिले का है और न ही जिले के अधिकारी कभी भ्रमण पर पहुचतें है जिले के जनप्रतिनिधी, लोकसभा, विधानसभा निर्वाचन के समय ही ग्राम तक पहुचतें है और वोट मागनें के बाद 5 साल के लिए भूल जातें है। लगभग 3 दर्जन से अधिक ग्राम वासियों ने जिला कलेक्टर से गांव की दुर्दसा स्वंय देखने के लिए आमंत्रित किया है।

जिला कलेक्टर नें ग्रामीणो को आश्वासन दिया है। आवेदन देने वालो मे रामकेश पटेल, मुकेश तिवारी, गोपाल राजा, काशीराम पटेल, राजकिशोर तिवारी, शिवम तिवारी, रमेश, परशुराम, दयाराम चौधरी सहित अनेक लोग उपस्थित रहें।



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