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शहर के सबसे वी आई पी कहे जाने वाले इलाके और मंडल मुख्य"/>

अध्यापक के घर ठगी करने वाल तीन माह बाद पकड़ा गया

शहर के सबसे वी आई पी कहे जाने वाले इलाके और मंडल मुख्यालय के अधिकारियों की नाक के नीचे पनप रहा था तंत्र-मंत्र के जरिये खजाना खोदने के नाम पर ठगी करने वाला गोरखधन्धा। तीन माह पहले ठगी का शिकार होने वाले परिवार की अब तक रिपोर्ट नही लिखी गई। गिरोह का एक सदस्य ठगी के शिकार परिवार के हत्थे चढ़ गया। जिसे कल देर रात पुलिस के हवाले कर दिया गया।

इन्द्रानगर टेलीफोन टावर के पास के निवासी शिवस्वरूप (कालींजर में सरकारी अध्यापक) ने बताया कि उनकी पत्नी रीता सिंह अक्सर बीमार रहती है कमजोर दिल की हैं घबराती बहुत है। कुछ माह पूर्व हमारे घर मे ई रिक्शा था जिसे कुछ दिन जंगल दफ्तर के पास रहने वाले मूलचन्द्र ने चलाया था। वो हमारे घर आता जाता था इसी जानकारी का फायदा उठा कर सितम्बर माह में हमारे घर आया और मेरी पत्नी रीता सिंह से कहा तुम ठीक हो जाआंेगी। मैं एक बाबा को ले कर आता हूं इसके बाद मूलचन्द्र 28 सितम्बर 2017 को एक तांत्रिक इरफान को ले कर आया उस इरफान ने हमारे घर को देख कर कहा तुम्हारे घर मे माया गड़ी हैं जिसमे शैतानी आत्माओं का वास है इसीलिए आप बीमार रहती हो, खोद के निकालना पड़ेगा साथ ही डराया अगर नही खोदा जाएगा तो तुम्हारे साथ साथ तुम्हारा इकलौता पुत्र भी मर जाएगा।

मेरीे पत्नी डर गई और उसने घर मे खुदाई करने की इजाजत दे दी। इन लोगांे ने मेरे घर के पक्के फर्श को खोदना शुरू कर दिया इन लोगों ने दो दिन तक हमारे परिवार को अपने जाल में फंसाये रखा। दूसरे दिन इन लोगों ने जमीन से एक पीले रंग की प्लेट निकाल कर दिखाई और कहा कि देखो सोने की प्लेट निकल आई हैं। इन लोगों ने ये भी बताया कि आप के यहाँ 19 किलो सोना गड़ा है खोदने में समय लगेगा विशेष तंत्र-मंत्र करना पड़ेगा। पूरे घर मे तावीज बांधना पड़ेंगे आप लोगों को तावीज पानी मे घोलकर पिलाना पड़ेगा ताकि ये शैतानी आत्माएं आप के परिवार को कोई नुकसान न पहुंचा पाएं, इस कार्य मे पैंसा लगेगा वर्ना तुम्हारे पुत्र की बलि देना पड़ेगी मेरी पत्नी ने पुत्र की बलि देने से मना कर दिया और तंत्र-मंत्र दुआ तावीज के लिए तीन किस्तों में 40,000 चालीस हजार रुपये उन लोगों को दे दिये। ये लोग तंत्र-मंत्र का सामान लाने के बहाने वहां से चले गए साथ ही ये धमकी भी दे गए कि इस गढ्ढे के बारे में किसी को नहीं बताना और न ही इस गड्ढे को छूना इस के अन्दर काले नाग बैठे हैं, जो इस गड्ढे के पास जाएगा उसे ये नाग डस लेंगे।

उन लोगों ने उस पीली प्लेट को भी उसी गड्ढे में गाड़ दिया और तंत्र-मंत्र का सामान लेने चले गए। जब वो लोग तंत्र मंत्र का सामान ले कर वापस नहीं आये तो हमे शक हुआ और हमने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया कोतवाली पुलिस ने हमारा प्रार्थना पत्र ले कर एक रशीद दी साथ ही हमे सिविल लाइन चौकी भेज दिया हम जब सिविल लाइन चौकी पहुंचे तो वहां हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। साथ ही हमसे कहा गया कि आरोपियों को तलाश करो जब मिल जाएं तो बताना कार्यवाही कर देंगे।

पुलिस से निराशा हाथ लगने के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों को तलाश करना शुरू किया और घटना के तीन महीने के बाद कल देर रात को लगभग 9 बजे जंगल दफ्तर के पास एक आरोपी मूल चंद अपनी झोंपड़ी में पीड़ित परिवार को मिल गया पीड़ित परिवार ने मूलचन्द्र को पकड़ कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नही किया। जब इस मामले में कोतवाली प्रभारी शशि कुमार पाण्डेय से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि छान-बीन चल रही है।



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