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कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने फांसी लगा दी जान

कर्ज के मर्ज के नीचे दबे किसान ने खेतो पर बने आशियाने में फांसी लगा अपनी जान गवां दी। खेतों पर पहुंचे परिजन किसान के लटक रहे शव को देखकर दंग रह गये। किसान द्वारा फांसी लगाकर की गई आत्म हत्या की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फांसी के फन्दे से लटक रहे शव को उतार पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिये मुख्यालय भेज दिया है।

बताया गया है कि कुलपहाड कोतवाली क्षेत्र क ेचुरारी गांव निवासी किसान जगदीश पुत्र अच्छेलाल 50 वर्ष ने तीस बीघा जमीन पर दो लाख सरकारी बैंक व दो लाख साहूकारों का कजै ले रखा था। सूखा व ववार्द फसलों के चलते पिछले कई माह से किसान परेशान रहता था। खेतो बनाये किसान द्वारा आशियाने में ही रस्सी का फन्दा डालकर उस पर झूल अपनी जान गवां दी। सुबह पहुंचे परिजनों ने रस्सी के फन्दे से लटक रहे शव को देख कर दहाडे मार रोने लगे। यह देख खेतों पर मौजूद किसान का परिवार जा पहुंचा और किसान लगा कर जान देने की खबर समूचे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। घटना पाते ही भारी पुलिस बल खेतो पर बने आशियाने पर जा पहुंचे। जहां किसान के पुत्र कल्लू ने बताया कि मेरे पिता कर्ज चुकाने के लिये परेशान बने हुये थे। इस वर्ष तीस बीघा जमीन की बुवाई की थी परन्तु फसल अच्छी न होने के कारण वह पिछले कई दिन से परेषान थे।

पिछली फसल में भी लागत से कम फसल हुई थी। अभी पानी न बरसने के कारण फसल सूखती जा रही थी। रात दिन रखभाली करने के बाद भी अन्ना जानवर काफी फसल खा चुके थे। इसी गम में बीती देर शाम हम लोगों के घर जाने के बाद उन्होने फांसी लगाकर अपनी जान गवां दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिये मुख्यालय भेज दिया है। राजस्व विभाग के अधिकारियो ने मृतक किसान के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाये जाने का भरोसा दिया है।



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