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बुन्देलखण्ड के मिनी बिन्द्रवन के डिहुढी मैदान मे कथ"/>

परमात्मा कल्पना का विषय नहीं साक्षात्कार का विषय है

बुन्देलखण्ड के मिनी बिन्द्रवन के डिहुढी मैदान मे कथा प्रारम्भ से पहले भाजपा जिलाध्यक्ष जीतेन्द्र सेगर बिधायक ब्रजभूषण राजपूत अशोक महाराज योगेश मिश्रा ने दीप प्रज्लन करने के बाद दिब्य ज्योति जाग्रति संस्थान के महाराज आशुतोष जी की साध्वी श्यामा भारती ने आज प्रभू राम केवट सम्वाद पर अपने मुख से श्रोताओं को सुनाई।

कथा के दौरान उन्होंने बताया कि एक साधारण मनुष्य जो नवका चलाकर अपने परिवार का जीवन यापन करता है। उसके मन मे प्रभु के लिऐ भाव प्रेम है इसी प्रेम के बन्धन मे बधे हुये प्रभु राम केवट के पास जाकर ओर उससे गंगा पार करने के लिऐ आग्रह करते है। वह भक्ति का प्रभाव है वे प्रभु जिनसे सारा संसार मांगता है। आज वह खुद साधारण मनुष्य से माग रहे है इससे भी अदभुत है उनके मर्म को जानते हुऐ नवका को न देना केवट ने प्रभु को तत्व रुप मै जाना है।

साध्वी ने कहा कि .परमात्मा कल्पना का बिषय नही साक्षात्कार का बिषय है। हमारे धार्मिक सास्त्रो का आधार परमात्मा का दर्शन है हमारे ग्रन्थों मे कहा गया है जब देखा तब गावा अर्थात जब परमात्मा को देखा तभी उसकी महिमा का गुण गान किया जा सकता है। कबीर जी ने भी कहा है कि पार ब्रम्ह के तेज को कहो कैसो है अनुमान कहबै को शोभा नहीं देखा ही परिमान अर्थात यदि वास्तो मै परिमात्मा के बिषय मे जानना चाहते हो तो इसका एक मात्र उपाय परमात्मा का साक्षात्कार है साध्वी द्वारा भक्ति गीतों पर श्रोताओं ने खूब र्नित्य किये। इस मौके पर भी अश्वनी द्विवेदी पीयूष त्रिपाठी हरिहर मिश्रा कामता सक्सेना रामजी सुधीर दयाल सिह अशोक कैलाश देवेन्द्र रामेन्द्र सिह राम महाराज सहित सैकडों श्रोता गण मोजूद रहे।



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