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जिले की ग्राम पंचायतो में निर्माण तथा विकास कार्यो म"/>

ग्राम पंचायत पुरषोत्तमपुर में निर्माण कार्यो में हो रहा भारी भ्रष्टाचार

जिले की ग्राम पंचायतो में निर्माण तथा विकास कार्यो मे लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जिसका मुख्य कारण वरिष्ट अधिकारीयो द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायतो पर कोई कार्यवाही नहीं करना तथा संबंधित मामलो की जाच उन्हीं अधिकारीयों को सौप देना जो स्वंय उसी भ्रष्टाचार मे शामिल है अधिकांश शिकायतें जिला कलेक्टर तक पहुचती है और उनके द्वारा संबंधित शिकायते जिला पंचायत को भेज दी जाती है। तथा जिला पंचायत द्वारा संबंधित शिकायतें जनपद पंचायत को भेज दी जाती है। और जनपद के अधिकारी ही उक्त ग्राम पंचायतो के भ्रष्टाचार मे शामिल रहते है जिससे किसी प्रकार की कार्यवाही होनें का प्रश्न ही पैदा नहीं होता या फिर उनके द्वारा ही जाच कर ले देकर मामला निपटा दिया जाता है।

इसी प्रकार भ्रष्टाचार के मामले पूरे जिले मे चल रहे है लेकिन सबसे दुर्भाग्य की बात यह है की जिला मुख्यालय की जनपद पन्ना अन्तर्गत लगी हुई पंचायतो जनवार, पुरषोत्तमपुर, कुजंवन, मोहनपुरवा, गहरा सहित अन्य पंचायतो मंे व्याप्क भ्रष्टाचार चल रहा है। इसके अलावा लगी हुई ग्राम पंचायत पुरषोत्तमपुर में कागजो पर योजनाए संचालित हो रही है। सरपंच पति, उपयंत्री, सचिव द्वारा मिलकर मनरेगा योजना तथा पंच परमेश्वर योजना मंे व्यापक भ्रष्टाचार किया गया है। सरपंच पति मनोज कुशवाहा द्वारा फर्जी फर्म लवकुश ट्रैडर्स के नाम बनाकर लाखो रूपये के मटेरियल बिल लगाकर राशि आहरित की गई जब की इस नाम की कोई फर्म पन्ना जिले में नहीं है। वृक्षा रोपण कागजांे पर करा दिया गया शांति धाम की राशि में व्याप्क फर्जीवाडा किया गया। काछन टोला प्राथमिक शाकाछन टोला प्राथमिक शाला के पास से बनने वाली सुदूर सडक के नाम पर 10 लाख से अधिक की राशि आहरित कर ली गई जब की उक्त सुदूर सडक को लोकपाल सागर के तालाब से चचरा से बना दिया गया पुलियों का काम अभी भी अधूरा पडा है।

उसके बावजूद लगातार मजदूरो तथा मटेरियल के नाम पर राशि आहरित की जा रहीं है। इसी प्रकार चादंमारी बस्ती मे खेल मैदान निर्माण कार्य चल रहा है। जिसमे 13 लाख 64 हजार की राशि स्वीकृत है खेल मैदान मे सिर्फ खकरी निर्माण आस पास के पत्थर एकत्रित कर बना दी गई है। उक्त खकरी के उपर कोपिन का कार्य चल रहा है। जिसमंे डस्ट लगाकर गिट्टी डाली जा रही है।

इसके अलावा और अन्य कार्य नहीं कराया गया उसके बावजूद 10 लाख रूपये से अधिक की राशि खर्च करना दिखा दिया गया है। जबकी वास्तविक जमीनी हकीकत यह है की आधे से कम राशि मे ही काम निपटा दिया गया है। ग्राम पंचायत वासियों नें ग्राम पंचायत क्षेत्र मे हुए निर्माण कार्यो की जाच कराकर दोषियो के खिलाफ कार्यवाही करनें की मांग की है।
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