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अनशन कर रहे किसान नेता की हालत बिगड़ी परीक्षण करने पहुंचे चिकित्सक

प्राकृतिक आपदाओं से बदहाल बुंदेलखंड के सभी किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने व जारी वर्ष को सूखाग्रस्त घोषित करने सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिन से जिले के पनवाड़ी कस्बे में अनशन कर रहे बुंदेलखंड  किसान यूनियन के नेताओं की हालत बिगड़ने लगी है। देर रात एसडीएम राजेश यादव ने इस बात की जानकारी सीएमओ को दी। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी के चिकित्सकों को भेज अनशन कारियों की मेडिकल जांच कराई। एसडीएम ने किसान नेताओं से जिद छोड़ अनशन समाप्त करने की अपील की है पर वह मांगे पूरी होने के पहले अनशन समाप्त न करने की जिद किए हैं।

गौरतलब है कि बुंदेलखंड में बीते दस साल में पांचवीं बार सूखा पड़ा है। बीच में तीन साल कभी ओला गिरने तो कभी अतिवृष्टि से फसलें नष्ट हो गईं। इन प्रकृतिक आपदाओं के चलते यहां के लाखों किसान बुरी तरह तबाह हो चुके हैं। कर्ज व मर्ज के दबाव में किसानों की आत्महत्या का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा। किसानों को तमाम समस्याओं से निजात दिलाने के लिए बुंदेलखंड किसान यूनियन लगातार आंदोलन कर रही है। संगठन के अध्यक्ष विमल कुमार सक्सेना ने 16 दिसंबर को अपने चार साथियों के साथ पनवाड़ी के राठ रोड में आमरण अनशन प्रारंभ किया था।

वह बुंदेलखंड के सभी किसानों के समस्त कर्ज माफ करने के साथ ही बुंदेलखंड को आपदाग्रस्त घोषित करने के साथ ही किसानों को पेंशन देने की मांग कर रहे हैं। यहां की खनिज संपदा की लूट व ओवर लोडिंग पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से की जा रही है। अनशन की दूसरी रात रविवार को विमल कुमार की हालत बिगड़ने लगी तो एसडीएम कुलपहाडत्र राजेश कुमार ने मुख्य चिकित्साअधिकारी एसके वाष्र्णेय को दूरभाष पर इसकी जानकारी दे अनशन कारियों का चिकित्साीय परीक्षण कराने को कहा था। सीएमओ के निर्देश पर देररात चिकित्सकों ने अनशन स्थल पर पहुंच जांच करने के बाद विमल कुमार को अनशन समाप्त करने की सलाह दी है।

एसडीएम राजेश कुमार ने भी उनसे यही अपील की है पर किसान नेता मांगे पूरी होने के पहले कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। सोमवार को मध्य प्रदेश के संगठन प्रभारी दिनेश कुमार पाठक डाक्टर पंकज तिवारी शुसील खेवरिया नौगांव फदना के प्रधान हरगोविंद तिवारी सहित पचासों किसानों ने अनशन स्थल पर पहुंच किसान नेताओं को अपना समार्थन दिया।

 



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