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दो माह में ही नगर पालिका की गोशाला हुई ठप्प

अजयगढ़ बाईपास मार्ग किनारे कचरा प्रसंस्करण केन्द्र के बगल में स्थित नगर पालिका की गौशाला अपने लोकापर्ण के चंद माह बाद ही अघोषित तौर पर बंद हो चुकी है। बमुश्किल दो महीने चली गौशाला में पिछले ढ़ेड़ माह से एक भी गौवंशीय पशु नहीं है। वर्तमान में गौशाला के मुख्य गेट पर ताला लटक रहा है। उधर पन्ना नगर की सड़कों पर पुनः आवारा पशुओं की धमाचौकड़ी शुरू हो गई है। शहर की सड़कों पर स्वछंद विचरण करने वाली आवारा पशुओं की फौज में बड़ी तादाद गौवंशीय पशुओं की है। जोकि शहर की सड़कों पर पैदल चलने वाले राहगीरों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो रहे है।

यातायात व्यवस्था भी इनके कारण बाधित हो रही है। महज दो माह में ही गौशाला में ताला लगना नगर पालिका परिषद के कुप्रबंधन को दर्शाता है। इस तरह अचानक गौशाला के बंद होने से यह सवाल उठ रहा है कि नगर पालिका द्वारा किसी ठोस योजना के बगैर इसका लोकापर्ण क्या सिर्फ वाहवाही बटोरने के लिए इसका कराया गया था। गौशाला के पूर्व प्रभारी ने बताया कि वहां पशुओं के लिए पानी-बिजली आदि की समुचित व्यवस्था नहीं थी, इसलिए आये दिन होने वाली परेशानी के चलते उन्होंने लोकापर्ण के दो माह बाद ही गौशाला का प्रभार छोड़ दिया था।

बंद पड़ी गौशाला का पूरा परिसर वर्तमान में बेहद जहरीले खरपतवार (अकउआ) से पटा पड़ा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि नगर वासियों से टैक्स के रूप में वसूल किये गये गये लाखों रूपये गौशाला की व्यवस्थाओं के नाम पर पानी की तरह बहाने वाले जिम्मेदारों के पास इसके बंद होने के सवाल का संतोषप्रद जबाब तक नहीं है। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए वे गोलमोल बातें करते हुये नगर में विचरण कर रहे आवारा पशुओं को हांका लगवाकर पुनः गौशाला में लाने की बात कर रहे है। लेकिन वे यह नहीं बता पा रहे है जिन पशुओं को गौशाला के लोकापर्ण के समय अथवा बाद में यहां लगाया गया था वर्तमान में वे कहां है। तकरीबन 250-300 गौवंशीय पशु गौशाला से कैसे चले गये, बुनियादी सुविधाओं के बगैर गौशाला को प्रारंभ करने में जल्दबाजी आखिर क्यों की गई, इन तमाम सवालों के जबाब न देकर जिम्मेदार अपना और अधीनस्थों का बचाव कर रहे है। इसे विडम्बना ही कहा जायेगा कि एक तरफ गौशाला में ताला लटक रहा है वहीं दूसरी तरफ पन्ना नगर सहित आसपास के गांवों में हजारों की संख्या में गौवंशीय पशु आवारा विचरण करते हुये सर्दी का सितम झेल रहे है। मंत्री मेहदेले ने किया था लोकापर्ण- उल्लेखनीय है कि 27 अगस्त 2017 को प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय एवं जेल विभाग की मंत्री तथा क्षेत्रीय विद्यायक सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले के मुख्य आतिथ्य में नगर पालिका की गौशाला का समारोहपूवर्क लोकापर्ण हुआ था। मंत्री सुश्री मेहदेले ने इस दौरान अपने उद्बोधन में पन्ना में गौशाला संचालित करने संबंधी पहल का स्वागत् करते हुये नगरपालिका को इस पुण्य के काम के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया था।साथ ही उनके द्वारा बीमार-चौटिल गौधन को लाने ले जाने के लिए एक छोटा हांथी वाहन तथा गौशाला के संचालन के लिए 2 लाख रूपये की राशि देने की घोषणा की गई थी। मंत्री द्वारा आर्थिक सहयोग देने की घोषणा करने के बावजूद नगर पालिका के नुमाइंदे गौशाला का सही तरीके से संचालन नहीं कर पाये। फलस्वरूप लोकापर्ण के दो माह बाद ही वहां एक भी गौवंशीय पशु नहीं बचे। इससे गौसेवा को लेकर नगर पालिका के अधिकारियों-कर्मचारियों के जज्बे और कार्यप्रणाली का पता चलता है। सेवा छोड़ स्वार्थपूर्ति को प्राथमिकता- मौजूदा नगर पालिका परिषद का अब तक का प्रदर्शन हर मामले में बेहद ही लचर रहा है। शासन से विभिन्न मदांे में मिलने वाली राशि और टैक्स के रूप में वसूल की गई नगरवासियों की गाढ़ी कमाई को नगर पालिका द्वारा मनमाने तरीके से खर्च कर अत्यंत ही घटिया कार्य कराये जा रहे है। नगर पालिका मंे अंधेरगर्दी व्याप्त होने का एक मुख्य कारण सत्ताधारी दल और विपक्षी पार्षदों द्वारा बैकडोर से ठेकेदारी में शामिल होना अथवा अपने परिजनों को अनुचित तरीके से योजनाओं का लाभ दिलाकर निहित स्वार्थपूर्ति को प्राथमिकता देना है। इसलिए सेवा कार्य के बजाय नपा के नुमाइंदों का पूरा ध्यान उन कामों पर केन्द्रित हो गया है जिनमें उन्हें मेवा मिलने की उम्मीद है।

गौशाला का संचालन करने में नगर पालिका को असुविधा हो रही है, फिलहाल वह ढ़ेड़ माह से बंद है। गौशाला को ठेके पर किसी संस्था को देने की योजना पर कार्य चल रहा है।  -शिव कुमार खरे, आर.एस.आई. नपा. पन्ना

करीब दो माह तक मेरे द्वारा गौशाला का संचालन किया गया किन्तु मूलभूत व्यवस्थायें न होने के कारण आये दिन होने वाली परेशानी से सीएमओ व अध्यक्ष को अवगत कराते हुये मैनें गौशाला का प्रभार छोड़ दिया था। - अवध द्विवेदी, पूर्व गौषाला प्रभारी

सही व्यवस्था ना बनने के कारण गौशाला का संचालन बंद हो गया है जिसे पुनः शुरू कराने के लिए प्रयास किये जा रहे है। वहां बिजली और पानी की भी व्यवस्था सुनिश्चिित की जा रही है। गौशाला के पुनः प्रारंभ होने पर सिर्फ 50 पशुओं को ही रखा जायेगा। -मोहन लाल कुशवाहा, अध्यक्ष नपा पन्ना



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