< बाघ के विचरण से पहाड़ीखेरा क्षेत्र में दहशत Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News पहाड़ीखेरा जनपद पंचायत पन्ना के पहाड़ीखेरा क्षेत्र से सटे करीब"/>

बाघ के विचरण से पहाड़ीखेरा क्षेत्र में दहशत

पहाड़ीखेरा जनपद पंचायत पन्ना के पहाड़ीखेरा क्षेत्र से सटे करीब आधा दर्जन ग्रामीण क्षेत्रों में बाघ की आहट से दहशत का माहौल बना हुआ है। क्योंकि इस क्षेत्र में आय का स्त्रोत खेती है। और खेती पर आधारित किसानों के खेत जंगल से सटे हुये होने के कारण किसानों को खेत की रखवाली करने के लिए खेतों पर जाना पड़ता है पर वनराज की आहट से ग्रामीण क्षेत्रों में खासी दहशत का माहौल कायम है और ग्रामीणों ने अपने-अपने खेतों में जाना बंद कर दिया है। इतना ही नही अमरईया, गेरूआ, हीरापुर, आदि गावों के नजदीक ग्रामीणों द्वारा बाघ के पैरों के निशान भी देखें गये है। पर सवाल यह उठता है कि आखिर वन विभाग किस घटना का इंतजार कर रहा है।

बीट गार्ड अमरइया, रमेश कोंदर, कभी भी मुख्यालय में नहीं रहते हमेशा ही नदारत रहते है और जंगल की कमान चौकीदार के भरोसे छोड दी गई है। मैदानी वनकर्मियों के नदारत रहने से जंगल में होने वाली हलचल का उन्हें समय रहते पता नहीं चल पाता और अवैध गतिविधियों पर भी अंकुश नहीं लग पा रहा है। क्षेत्र के ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक सप्ताह से बाघ जंगल में विचरण कर रहा है जोकि किसी भी समय बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।

सूत्रों की मानें तो पहाड़ीखेरा से महज दो किलोमीटर दूर राय पटिया पत्थर खदान के पास बीच सड़क पर करीब पॉच मिनट तक खड़ा रहने की जानकारी प्रकाश में आई है। जिससे कुछ देर तक वाहनों का आवागवन अवरूद्ध रहा और फिर सिलधरा जंगल की ओर चला गया। जिससे ग्रामीणों द्वारा तत्काल वन विभाग से ऐसी व्यवस्था करने की अपील की गई है। कि जिससे जनहानि से बचा जा सके। अब देखना यह है कि वन अमला अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करता है। या किसी अनहोनी का इंतजार करता है।

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