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दर्जनों किसान क्रय केन्द्र के बाहर केन्द्र का ताला खुलने का कर रहे इंतजार

जिलाधिकारी के आदेशों को उनके मातहत पलीता लगा रहे हैं। डीएम ने किसानों को अपनी खरीफ की फसल उद्, मूंग आदि की बिक्री के लिये पचपहरा मण्डी में खरीद केन्द्र खोले जाने का आदेश दिया था। जिससे किसान वहां जाकर सरकारी समर्थन मूल्य पर अपनी फसल की बिक्री कर उचित मूल्य प्राप्त कर सके। परन्तु कर्मचारियों की लापरवाही के चलते समिति में सन्नाटा पसरा हुआ हैं। कोई भी कर्मचारी क्रय केन्द्र में नही पहुंच रहा है। वहा गेट पर ताला लटका पाया जाता है और किसान बेचारे बाहर अपने वाहन खडे किये उनका इंतजार करते देखे जा रहे है।

गौरतलब है कि किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिये जिलाधिकारी रामविशाल मिश्रा ने पचपहरा मण्डी में किसानों के लिये खरीफ की फसलें उर्द, मूंग आदि बेंचे जाने को सरकारी खरीद केन्द्र खुलवाया था। बता दे कि जिले में खरीफ विपणन र्वा 2017, 18 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत उडद का खरीद मूल्य 5200 रूपये तथा 200 बोनस सहित कुल मूल्य 5400 रूपये प्रति कुन्तल की दर से एवं मूंग की खरीद 5375 रूपये तथा 200 रूपये बोनस की दर से 5575 रूपये प्रतिकुन्तल की दर से सीधे कृषको के माध्यम से क्रय करने हेतु क्रय ऐजेन्सी पीसीएफ द्वारा कृषि उत्पादन मण्डी समिति पचपहरा में एक क्रय केन्द्र खोला गया। जिसमे जिलाधिकारी ने किसानो से कहा कि वह अपनी उपज का लाभकारी  मूल्य प्राप्त करने के लिये सरकारी योजनाओं का लाभ उठायें। अंधेर गदी की हद कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी क्रय केन्द्रों में अब भी फसलों की खरीद नही हो रही है।

पचपहरा क्रय केन्द्र में न तो क्रय ऐजेन्सी पीसीएफ के कर्मियों का अता पता है और न ही प्रशासन की तरफ से कोई खरीफ की तिथि बताने वाले का। जिस कारण दूर दराज से आने वाले सैडकों की संख्या में किसान गेट के बाहर अपने वाहन खडा कर कर्मियों का इंतजार करते रहते है और इधर उधर भटकने को मजबूर है। दूर दराज से आने वाले किसान बिचोलियों के माध्यम से कम रेट पर अपनी फसल बेचने को मजबूर हो रहे है। जबकि जिलाधिकारी ने किसानों के फायदे के लिये क्रय केन्द्र का गठन किया था। समिति के अधिकारी व कर्मचारियों की उदासीनता के कारण सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को नही मिल पा रहा है।



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