रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में राष्ट्रीय स्तर के दो प"/>

राष्ट्रीय स्तर के दो पहलवानों को बाँदा जीआरपी के जवानों ने पीटा

रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में राष्ट्रीय स्तर के दो पहलवानों को सोना बीतीरात उस समय महंगा पड़ा जब जीआरपी के सिपाहियों ने दोनों पहलवानों को पीटना शुरू कर दिया। इस घटना का पहलवानों ने विरोध किया तो सैकड़ों यात्री भी पहलवानों के पक्ष में आ गये और पुलिस कर्मियों के खिलाफ हंगामा करने लगे। बाद में जीआरपी थानाध्यक्ष ने माफी मांग कर मामला शांत करवा दिया।

हुआ यूं कि पश्चिम बंगाल का पहलवान राहुल और पंजाब का मंजीत सिंह पंजाब में रहकर कुश्तिायों में भाग लेते है। दोनों पहलवान चार-पांच दिन पहले दंगल में भाग लेने बाँदा आये थे। दंगल में भाग लेने के बाद बीतीरात वापस जाने के लिए  बाँदा रेलवे स्टेशन आये और ट्रेन लेट होने के कारण वेटिंग रूम में सो गए। इसी दौरान वहां जीआपी के दो सिपाही आ धमके और फस्र्ट क्लास का टिकट मांगा। जब पहलवानों ने कहा कि वह राष्ट्रीय स्तर के पहलवान है और उन्हें वेटिंग रूम में ठहरने का प्रावधान है। इस पर सिपाही आग बबूला हो गए और उनसे 1 हजार रूपये की मांग करने लगे।

जब पहलवानों ने रिश्वत देने से मना किया तो जीआरपी के दोनो सिपाही पहलवानों पर टूट पडे़। लात-घूसे से पीटने के बाद पुनः एक हजार रूपये की मांग की। तब तक वहां सैकड़ो यात्री आ गए और पहलवानों का पक्ष लेतु हुए जीआरपी जवानों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। यह देखकर दोनों सिपाही वहां से खिसक गये। लेकिन तब तक यात्रियों को हंगामा देखकर जीआरपी थानाध्यक्ष वहां आ गये और पहलवान से माफी मांगकर मामला शान्त कराया।

पीड़ित पहलवानों ने बताया कि हम राष्ट्रीय स्तर की तमाम कुश्ती प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं हमारे पास प्रमाण पत्र भी है। ऐसे सिपाही जो हमारे साथ अभद्रता कर सकते है भला आम यात्रियों के साथ पता नही किस तरह का व्यवहार करते होंगे।



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