प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अचानक 8 नवम्बर 2016 से देश की कर"/>

नोटबंदी के दौरान मृत हुये लोगों को एनएसयूआई ने दी श्रद्वाजंलि मोमबत्ती जलाकर दो मिनट का मौन रखकर भगवान से की प्रार्थना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अचानक 8 नवम्बर 2016 से देश की करेंसी को बंद करने की घोषणा कर दी थी और एक माह के भीतर पुराने नोट जमा करने का समय दिया गया था। जिस ओर आम लोग सुबह से शाम तक लम्बी लाईनों में लगकर अपने पैसे बदलाये, इस दौरान कई लोगों की मौते भी हुई। नोटबंदी के एक वर्ष पूरे होने पर एनएसयूआई ने मृत हुये लोगों की आत्मा की शांति के लिए मोमबत्ती जलाकर दो मिनट का मौन धारण कर मृत आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की।

इस संबंध में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह गहरवार ने कहा कि यह अब तक का देश का सबसे बडा गलत फैसला है, जिससे देश की विकास दर रूक गई है, इससे कई लोग बेरोजगार हो गये है। कई छोटी कम्पनियां बंद हो गई है। इस दौरान कई लोगों की मौत भी हो गई है। जिसके जिम्मेदार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी है। श्री गहरवार ने बताया कि नरेन्द्र मोदी द्वारा बड़ी बड़ी बाते की जाती है कि देश का विकास होगा, काला धन वापिस आयेगा लेकिन इनकी बाते केवल देश के साथ छलावा कर रही है जबकि धरातल में कुछ और है।

इस श्रद्वांजलि कार्यक्रम में मुख्य रूप से एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह गहरवार, नगर उपाध्यक्ष इरफान उल्ला खान, वंदना पाल, शाहरूप खान, शिवम, अमित पाल, सैफ उल्ला, अब्दुल, रघुराज सिंह, ललीता सिंह गौड, प्रियंका पाल, हर्ष कुमार सेन, बिक्की भाई, सचिन सहित कई छात्र व एनएसयूआई के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



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