अजयगढ़ के अमरछी एवं खोरा की नदियों में अबैध रेत उत्खनन दिन पे दिन "/>

खोरा अमरछी क्षेत्र में मशीनों से होता है अबैध रेत उत्खनन

अजयगढ़ के अमरछी एवं खोरा की नदियों में अबैध रेत उत्खनन दिन पे दिन बढ़ता जा रहा है, यहाँ चल रहे अबैध रेत उत्खनन की शिकायत पर अधिकारीयों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती, एवं उल्टा शिकायत कर्ताओं के नाम मोबाइल नंबर रेत माफिआओं को उपलब्ध करा दिए जाते हैं, जिससे उन्हें रेत माफिया के कहर का सामना करना पड़ता है। इस बात से साबित होता है, की कहीं न कहीं प्रशासनिक अधिकारीयों का भी इस अबैध कार्य में हाथ है।

विगत रात्रि जब गांव वालों द्वारा रात्रि में लगभग 11 बजे 3 जेसीबी और दर्जनों डम्फर, हाइवा नदियों की ओर जा रहे थे, तब गांव वालों ने उच्च अधिकारियो को फोन किया, कई अधिकारीयों ने तो फोन भी नहीं उठाया, किसी ने फोन उठाया भी तो अनमने मन से पुलिस भेजने की बात कह कर फोन काट दिया, एक अधिकारी महोदय ने तो पूरी बात सुने बिना ही फोन काट दिया, जिससे रात भर रेत का अबैध उत्खनन और परिवहन जारी रहा। और सुबह लगभग 5 बजे सभी जेसीबी और अन्न वाहन वहां से अपने यथावत स्थानों की ओर वापस लौट गए, प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया की यहाँ  अबैध उत्खनन  के लिए आने वालों में 1 जेसीबी खोरा की ही है, एवं एक ढुलबजा यूपी की है, जो दिन भर खोरा में कड़ी रहती है, और रात में नदी की ओर चली जाती है, और एक जेसीबी कीरतपुर से आती है।

लगभग चार से पांच जेसीबी और दर्जनों डम्फर एवं खोरा अमरछी क्षेत्र के लगभग सैकड़ों ट्रेक्टर रेत माफिआ ने किराये पर अबैध रेत उत्खनन हेतु लगा रखे हैं। कई  शिकायतो  के बाद भी कार्यवाई नहीं किये जाने से क्षेत्रीय नागरिकों का विश्वास प्रशासनिक अधिकारियों से उठ चुका है। इस अबैध एवं विनाशकारी कृत्य से अमरछी और खोरा क्षेत्र का जनजीवन अस्तव्यस्त हो चूका है। सड़कें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं, नदियां भी तबाह हो रही हैं। 5 दिन पहले खोरा अमरछी रोड पर रेत डम्प के पास एक अबैध  रेत से भरा ट्रक खराब हो जाने से 3 दिन तक वहीँ खड़ा रहा, जिसमे लकड़ी के पटे लगा कर काफी ओवर लोड अबैध रेत भरी थी।

स्थानीय पुलिस अधिकारी कई बार वहां से निकले, पर ट्रक पर कोई करवाई नहीं की, कुछ लोगों ने इस बात की सुचना उच्च अधिकारीयों को भी दी, मगर कोई कार्यवाई नहीं की गई, ट्रक वाले चैथे दिन ट्रक सुधरवाकर आराम से ले गये। कई बार ग्रामीणों ने स्वयं ट्रकों को रोका पर पुलिस वालों ने स्वयं आकर ग्रामीणों को डरा धमकाकर ट्रकों को छुड़वा दिया। अब सवाल यह उठता है की जब पुलिस और प्रसाशनिक अभिकारी ही रेत माफिया की मदद कर रहे हैं, तो ग्रामवाशी शिकायत लेकर किसके पास जाऐं।



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