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आरोग्यधाम की गोशाला में गोपाष्टमी पर सेवा बस्ती के बच्चों के लिये हुआ कार्यक्रम

आदि काल से ही भारत में भारतीय गोवंश का महत्व रहा है। वेदों में गाय के दूध को अमृत और गाय को कामधेनु की संज्ञा मिली है। बैलों का महत्व समाज में स्थापित करने के लिए भगवान शंकर ने भी नन्दी को अपना वाहन बनाया था। यह भी मान्यता है कि गाय में सभी देवाताओं का वास रहता है। गाय का गोबर, गोमूत्र, गोघृत, गोघी, गोदही आदि सभी पंचगव्य अवयव, मानव स्वास्थ्य सम्बन्धी अनेक असाध्य बीमारियों की चिकित्सा में अत्यन्त प्रभावी पाये गये हैं और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने भी पंचगव्य के कारगर प्रभाव को स्वीकार किया है।

भारतीय बैलों की उपयोगिता का ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है इतनी उपयोगिता के कारण ही गाय पूजा-अर्चना होने लगी है किन्तु वर्तमान परिवेष में भारतीय गोवंश के उपयोग को लेकर भारतीय समाज में एक भ्रम बन गया है और इसी भ्रम को दूर करने के लिए आरोग्यधाम परिसर में दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित आरोग्यधाम की गोशाला में गोपाष्टमी का कार्यक्रम बड़ी धूम-धाम से बनाया गया। इस अवसर पर गाय के महत्व को समाज में पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से साथ ही साथ गोपालन के पुन्यकार्य में प्रत्यक्ष कार्यरत कार्यकर्ताओं के उत्साहवर्धन के लिए प्रसाद भन्डारा का आयोजन किया गया तथा कार्यकर्ताओं को उपहार भेंट किये गये।

कार्यक्रय की अगली कड़ी में चित्रकूट की सेवा बस्तियों के बालक-बालिकाओं को शिक्षा-संस्कार युक्त वातावरण प्रदान करने के लिए दीनदयाल शोध सस्थान द्वारा संचालित बालसंस्कार केन्द्र के अभिभावकों की बैठक भी आयोजित की गयी। संस्थान का प्रयास है कि सेवा बस्ती के सभी बच्चे पढ़े और आगे बढें। इसके लिए संस्थान ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि सभी माता पिता अपने-अपने बच्चों को आरोग्यधाम में संचालित बाल संस्कार केन्द्र में तथा विद्यालय में अवश्यक भेजें। गोमाता की जयघोष के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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  • राजकुमार याज्ञिक

    चित्रकूट जनपद के ब्यूरो चीफ एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार याज्ञिक चित्रकूट जनपद के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। पत्रकारिता में स्नातक श्री याज्ञिक मुख्यतः सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं।, .



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