< अयोध्या से योगी युग की शुरुआत Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News विरोध करने के लिए हमेशा स्पेस मिलेगा। एक सरकार समाज क"/>

अयोध्या से योगी युग की शुरुआत

विरोध करने के लिए हमेशा स्पेस मिलेगा। एक सरकार समाज के अनुकूल अतिशीघ्र नहीं हो सकती। जहाँ 50 वर्ष से ज्यादा समय में शिक्षा, स्वास्थ्य और रसोईं की दृष्टि से अनुकूल कार्य नहीं हुए वहाँ 6 महीने, साल भर और 60 महीने में विकसित भारत आपको नहीं मिल सकता है।

समाज की भी अपनी जिम्मेदारी थी कि जनसंख्या वृद्धि इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए थी लेकिन हम 33 करोड़ से 125 करोड हो गए। जब किसी देश की जनसंख्या साधन संसाधन के अनुपात में बहुत अधिक होगी उस देश में रोजगार का टोटा और समस्याओं का अंबार लगा ही रहना है। बेशक इन विसंगतियों को खत्म करने लिए राष्ट्र हित में समाज और सरकार को संयुक्त रूप से कार्य करना चाहिए।

लेकिन कल जो नजारा अयोध्या में देखा, मुझे स्वयं नहीं पता मेरा हृदय इतना पुलकित क्यों है ? एक सुखानुभूति बहुत अधिक हुई है। पहले सैफई के नाच के खूब चर्चे सुने थे लेकिन वह आकर्षण का केन्द्र नहीं बन सका। सपा सरकार में भी बच्चों की मौत हुई, भूख से किसान मरे लेकिन एक विशेष वर्ग के द्वारा सैफई की फिजूलखर्ची आदि पर कभी ऐसा विरोध दर्ज नहीं किया गया। आज जब अयोध्या से वैश्विक पर्यटन के द्वार संस्कृति और धर्म के समागम से खुल रहे हैं तब इस प्रकार का विरोध कैसे उचित कहा जा सकता है ? कलयुग में त्रेतायुग की स्मृति ताजा हो जाना अपने आप में अद्भुत दृश्य था।

इसमें कोई दोराय नहीं कि सीएम योगी आदित्यनाथ ही एक ऐसे सीएम कहलाएंगे जिन्होंने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत को दीपावली के इस पर्व पर अभूतपूर्व अद्भुत नजारा प्रस्तुत कर गौरान्वित करने वाला उपहार भेंट किया है। एक सरकार के तौर पर अनेक विसंगतियां हो सकती हैं, जिन्हें दूर किया जाना आवश्यक है। गांव गरीब का कल्याण होना आवश्यक है, किन्तु यह कितना पुलकित करता है कि धर्म और संस्कृति से हमारे त्योहार वैश्विक पर्यटन का केन्द्र बनेगें। आखिर कौन नहीं आना चाहेगा सरयू तट में, मेरा मन अयोध्या की तरफ ही खिंचता जा रहा है। अफसोस हो रहा है कि हम क्यों नहीं पहुँच सके ? संभव है कि अगली बार इससे अधिक श्रद्धालू नजर आने लगेगें और इससे अधिक से अधिक रोजगार जन्मेगा। व्यापार बढेगा और व्यापारी खुशहाल होगा।

कल जो कुछ भी हुआ वह एक राष्ट्र, एक प्रदेश और धर्म व मानवता की दृष्टि से बहुत पहले हो जाना चाहिए था, किन्तु अब जो भी हुआ वो बेजोड़ और अटूट है। यह कहना अतिशयोक्ति हो सकती है किन्तु यह सत्य भी हो सकता है कि अयोध्या, काशी, मथुरा, हरिद्वार और चित्रकूट जैसी धर्म नगरी का विकास योगी सरकार के लिए समुद्र मंथन से निकलने वाला अजेय अमृत कहलाएगा।

हालाँकि लोकतंत्र है और राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है लेकिन सरकार नौकरी, उद्योग आदि के क्षेत्र में भी बेहतर काम कुछ गिने-चुने विवाद सुलझा कर कर जाए, तो यकीनन योगी की गद्दी, गोरखनाथ मंदिर की गद्दी की तरह एक लंबे अर्से तक अजेय रहेगी। यह पूर्ण विश्वास मुझे कल से हो गया है तनिक और समय बीतने दीजिए यह विश्वास आपके अंदर भी जन्मेगा।

(यह लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं)

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें