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बालू चोरी के आगे प्रशासन हुआ बेबस

हमीरपुर, मौरंग खनन रोकने के लिए 42 टीमें लगाई गई है। इसके बाद भी अवैध खनन का धन्धा थमने का नाम नही ले रहा है। किसी तरह की कार्यवाही न होने से बालू माफिया भी अपने इस धन्धे को बेखौफ अंजाम दे रहे है।

बालू खनन के मामले में जनपद में सीबीआई जांच चल रही हैं। और जांच के घेरे में शामिल कई अफसरों पर कार्यवाही की तलवार लटक रही है। इसके बाद भी बालू का धंधा थमने का नाम नही ले रहा है। शाम ढलते ही मजदूरों के साथ  हाइड्रो मशीन के जारिए ट्रकों में बालू लोड की जा रही है। अवैध खनन से सरकार को रोजना लाखों रूपये की क्षति पहुँच रही। बालू चोरी करके अलग स्थानों पर डम्प की जा रही है।

बाद में डम्प की गई बालू ट्रको में लोड़िग कराई जाती है। और एक ट्रक से 36 हजार रूपये वसूल किये जाते है। सब कुछ देखकर भी पुलिस अनजान रहती है। क्योंकि  उन्हों भी अपना हिस्सा मिल जाता है। अवैध खनन में अंकुश न लगने पर डीएम ने एसडीएम, खनिज अधिकारी, सर्वेयर व टीम के अधिकारियों एवं कर्मचरियों को फटकार लगाते हुए अवैध खनन रोकने के सख्त निर्देश दिये हैं।

इसी बीच जानकारी मिल रही है कि कुरारा, सुमेरपुर, हमीरपुर, मौदहा, राठ, मुस्करा में चोरी हुये बालू खनन चल रहा है। इससे सरकार को प्रतिदिन राजस्व की भारी चपत लग रही है। वहीं अब तो रिक्शे में बोरियों में भरकर बालू चोरी की जा रही है। इससे भी राजस्व की छति हो रही है। बालू चोरी में अंकुश न लगने से प्रशासन भी असहाय सा नजर आ रहा है।



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