महिला का स्वस्थ्य होना पहली प्राथमिकता: डाॅ. शबाना

‘संगिनी’ ने दर्शाया स्वस्थ नारी की सजगता

महिला का स्वस्थ्य होना पहली प्राथमिकता: डाॅ. शबाना

 

आज के समय में नारी को केवल शरीर से ही स्वस्थ नहीं रहना बल्कि उसे मानसिक एवं सामाजिक रूप से भी स्वस्थ रहना होगा। भले ही वह घरेलू महिला हो या कामकाजी महिला। यह उद्गार केसीएनआईटी, बांदा के सभागार में संगिनी ‘नारी स्वास्थ्य जारूकता’ (वूमेन हेल्थ अवेयरनेस, संगिनी) संगोष्ठी की मुख्य वक्ता डाॅ. शबाना रफीक ने रखे।

केसीएनआईटी गु्रप आॅफ इन्स्टीट्यूशन, बांदा के सभागार में ‘संगिनी’ नारी स्वास्थ्य जारूकता’ (वूमेन हेल्थ अवेयरनेस, संगिनी) की गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ। परिचर्चा का विषय ‘वूमेन हेल्थ अवेयरनेस’ था। शहर की प्रतिष्ठित डाॅ0 शबाना रफीक ने कायक्रम के अध्यक्षता की। डाॅ0 शबाना ने नारी स्वास्थ्य की भिन्नात्मक परिभाषा प्रस्तुत की, उन्होंने बताया कि नारी को केवल शरीर से स्वस्थ नहीं रहना बल्कि उसे मानसिक एवं सामाजिक रूप से भी स्वस्थ रहना होगा। भले ही वह घरेलू महिला हो या कामकाजी महिला। नारी परिवार एवं समाज की धुरी है, उससे ही पूरे परिवार व समाज के क्रिया-कलाप सम्पन्न होते हैं, वह एक संस्कारशाला होती है जो अपने बच्चों का समुचित विकास करती है, अतः तीनों रूप से स्वस्थ रहना नारी के लिए अनिवार्य है।

कार्यक्रम में विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल, केसीएनआईटी कालेज आॅफ एजुकेशन व कालीचरण निगम इन्स्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी की छात्रायें उपस्थित रहीं। डाॅ. शबाना ने उपर्युक्त विषय की जानकारी हेतु ‘‘फीमेल जेन्टल आर्मन्स’’ शीर्षक को प्रोजेक्टर के माध्यम से दर्शाया व गहराई से इन अंगो की उपयोगिता व आवश्यकता पर बल दिया। पोषक तत्त्वों की विधिवत जानकारी प्रदान की। अंत में ‘कुलदीप्ति’ कविता वाचन कर नारी की महत्त्वा पर प्रकाश डाला साथ ही उपस्थित छात्राओं से वचन लिया कि वह भविष्य में और मँहगे वस्त्रों और आभूषणों का मोह छोड़कर खुद को शिक्षित कर स्वावलंबी बनेगी।

संगिनी की प्रमुख मीरा भदौरिया ने संगिनी के माध्यम से पूर्व में किये गये कार्यों पर प्रकाश डाला। मीना कश्यप ने मुख्यअतिथि का स्वागत का कार्यक्रम को गति प्रदान की व सुनीता गुप्ता, खुशबु यादव, नेहा कक्कड़, अनुपमा सिंह गौतम, बीनू सेन व अन्य उपस्थित रहे।



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