हमीरपुर, घनी आबादी के बीच कुछ अतिशबाज चोरी हुये पटाखो का निर्माण"/>

घनी आबादी में मौत मुहाने पर

हमीरपुर, घनी आबादी के बीच कुछ अतिशबाज चोरी हुये पटाखो का निर्माण कर रहे है। आबादी के बीच बन रहे पटाखे खतरनाक साबित हो सकते है।

दीपावली में पटाखें का विशेष महत्व है अतिशबाजों के लिये दीपावली सहालग है, दीपावली में पहले से ही वे लोग पटाखा बनाना शुरू कर देते है। दशहरा से पटाखें की बिक्री शुरू कर देते है। दशहरा से पटाखों  की बिक्री बढ़ जाती है इस समय जिले में सात लाइसेंस धारक है जो अतिशबाज पटाखें बनाकर बेचते है। राठ में दो लाइसेंस धारक है जिससे लाइसेंस का नवीनीकरण भी नही कराया लेकिन पटाखा का निर्माण कर रहा है।

इसी तरह एक अतिशबाज यमुनानदी के किनारे पटाखें बनाने का ठिकाना बनाये हुए है। जो लोग घनी आबादी में पटाखें बना रहे है वह इस तरह से मौत को दावत दे रहे है। वारूद के ढेर में बैठकर पटाखा बनाना जानलेवा साबित हो सकते हैं।



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