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यूनीसेफ के इस आफिस में उड़ती सरकार के आदेशों की धज्जियां

केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार ने संयुक्त रूप से स्वच्छता अभियान का नारा चला रखा है लेकिन उनके ही इस नारे और आदेशों की धज्जियां यूनिसेफ कार्यालय चित्रकूट बड़ी खूबी के साथ निडर होकर उड़ाता हुआ महसूस होता है। यहाँ अधिशाषी अभियंता सबसे बड़े अफसर हैं लेकिन इन साहब को स्वच्छता अभियान की तनिक भी चिंता नहीं है। 2 अक्टूबर बीत जाने के बाद भी स्वच्छ होना तो दूर अफहरी और कर्मचारी ने खाई पीई चाटी हुई प्लेट और गिलास भी वहीं जमीन पर फेंक दिया।

हमारी पड़ताल
जब हम यूनिसेफ आफिस जाकर स्वच्छता का पैमाना देखने की कोशिश करते हैं, तो हमारे होश पाख्ता हो जाते हैं कि इन अधिकारियों में सूबे के मुखिया के उस आदेश की तनिक भी परवाह नहीं है जिसमें उन्होंने स्वच्छ यूपी स्वस्थ यूपी का नारा दिया और कार्यालय परिसर पर गुटखा पान मसाला ना खाने की हिदायत दी थी। लेकिन यहाँ तो प्रवेश द्वार पर ही बीड़ी से स्वागत होता है। यहाँ के कर्मचारी बीडी भी पीते हैं और श्री, राजश्री तथा विमल आदि गुटखा पान मसाला की पुड़िया भी चारो तरफ फैली हुई थीं। शायद यहाँ के अधिशाषी अभियंता को सीएम के आदेश का पालन करना नहीं आता है।  

इस आफिस के अंदर जब पड़ताल की तब वहाँ आलमारी के अंदर जाने की कितनी फाइल सड़ रही हैं। जनरेटर और  तमाम सामग्री पर जंग लगी जा रही है। सबकुछ यहाँ खस्ताहाल है। जिसकी कड़ाई से जांच होने पर अनियमितता  और भ्रष्टाचार के अनेक मामले खुलकर सामने आ जाएंगे। यूनिसेफ का ये आफिस आऊट एरिया मे हैं। गणेश बाग  से करीब 100 मीटर दूर, यहाँ असुरक्षा का भाव स्वयं जागृत हो जाता है। लेकिन बावंड्री वाल से लेकर सभी जगह से असुरक्षा पनप रही है। रात में अंधेरे का फायदा उठाकर यहाँ किसी भी प्रकार का अपराध घटित हो सकता है।



इस बात की जानकारी नहीं मिल पायी कि किस सन् में सोलर लाइट लगीं लेकिन इनकी हालत देखकर लगता है कि इनकी रखवाली और मरम्मत की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। मौजूद कर्मचारी ने कहा कि कुछ सोलर लाइट चोरी हो गई हैं लेकिन क्या कार्यालय द्वारा सोलर लाइट चोरी होने की कभी शिकायत दर्ज कराई गई ? इसकी भी पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। कुल मिलाकर यहाँ रात को अंधेरा व्याप्त हो जाता है और बावंड्री वाल इतनी कम ऊंचाई मे है कि कोई भी फलांग लगाकर आ सकता है एवं गेट भी बेदम है। असुरक्षा और अस्वच्छता के बढ़ते पैमाने के साथ यहाँ के अधिकारी कर्मचारी अशिष्ट व्यवहार वाले भी महसूस हुए।

कारण महज इतना सा है कि पूरे आफिस के प्रांगण पर चारो तरफ इनके द्वारा ही गंदगी फैली नजर आई है। शासन द्वारा तथा जनहित के कार्यों पर इनका ध्यानाकर्षण ना के बराबर महसूस हुआ। वास्तव में इस कार्यालय में सुरक्षा व स्वच्छता के भाव के मद्देनजर तत्काल जांच होनी चाहिए। 

 



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