< अंतर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा का समारोह आज Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News अंतर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का मुख्य समारोह शरद पूर्णि"/>

अंतर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा का समारोह आज

अंतर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का मुख्य समारोह शरद पूर्णिमा की रात्रि में ही होता है। शरद पूनम की चांदनी रात में विश्व प्रसिद्ध श्री प्राणनाथ जी मंदिर की छटा देखते ही बनती है। जब चांद अपने पूरे योवन पर होगा तभी ब्रम्ह चबूतरे में बने बंगला जी मंदिर से श्री जी की सवारी के हजारों सुन्दरसाथ नाचते गाते, गरबा (रामते) खेलते हुए रासमंडल मे पधराएंगे।

इस अवसर पर विश्वभर में फैले प्रणामी धर्मावलंबी जों पन्ना पहुंचे हुए हैं वो रास उत्सव का आनंद लेते हुए भक्ति रस के अमृत का पान करेंगे। वर्ष में एक बार ही खुलता है रास मण्डल शरद पूर्णिमा के समारोह की मुख्य बात यह भी है कि वर्ष में एक बार ही श्री बंगला जी मंदिर से अखण्ड रास के रचइया की सवारी बड़े ही धूमधाम से रास मंडल में पधराई जाती है जहां पांच दिनों तक श्री जी का वास रहता है और इस दौरान श्रद्धालुओं के अखंड प्रेम व रास की अनुभूति होती है। पूनम की रात 12 बजते ही रास मण्डल के लिए निकलेगी श्री जी की सवारी पवित्र नगरी पन्ना धाम में देश प्रदेश ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध यह अंतर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा मह¨त्सव गुरूवार रात अपने पूरे य©वन पर ह¨गा जिसका मुख्य समार¨ह श्री प्राणनाथ जी मंदिर के रास मंडल में मनाया जाएगा।

जिसमें श्री जी की सेवा पंचमी तक रहती है और इसी रास मंडल की सेवा के दर्शनलाभ लेने और रास का आनंद लेने देश-विदेश से श्रद्धालु पन्ना पहुंचते हैं। एक अनुमान के अनुसार शरदपूर्णिमा की रात्रि मंदिर में श्री जी की अनुपम छटा देखेने के लिए इस विशेष उत्सव में नगर सहित बाहर से आए हुए लगभग एक लाख श्रद्धालु भाग लेते हैं। मंदिर के विशाल प्रांगण में पैर रखने की भी जगह बामुश्किल मिलती है।

दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रम शरदपूर्णिमा महोत्सव मनाने आये श्रद्धालुओ के लिये प्रणामी धर्म के धर्माचार्य एवं धर्मगुरूओ द्वारा बुधवार की सुबह से ही ब्रह्म चबूतरे पर मंचीय कार्यक्रम शुरू हो गया। धर्मचार्य एवं विदुषी द्वारा क्षर-अक्षर एवं अक्षरातीत के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया वहीं अखण्ड परमधाम में चल रहे रास के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया गया। बीच-बीच में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, कानपुर आदि जगह से आये श्रद्धालुओ ने अपनी प्रदेश की कलाकृति से लोगो को भावविभोर कर दिया। वहीं बच्चों ने शानदार नृत्य गरबा का भी प्रस्तुति दी।

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