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दबंगों ने की महिला किसान की पिटाई फिर भी दबंगो के लगे सुरखाब के पर

यूपी सरकार बेशक सुदृढ कानून व्यवस्था व समता समानता की बात करती हो किन्तु दबंगो की दबंगई थमने का नाम नहीं ले रही। इनके शासन मे महिला सुरक्षा की पोल खुलती नजर आ रही है। पुलिस कब कैसे और क्या काम करती है, शायद ही इसका कोई पैमाना निश्चित हो।

हालिया मामला महोबा जिले के कुलपहाड़ का है। जहाँ एक महिला किसान को दबंगो ने पिटाई करके गांव से खदेड़ने की कोशिश मे डटे हुए हैं। अल्पसंख्यक वर्ग की ये महिला दहशत भरे माहौल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। वहीं दबंगो के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्यवाही अब तक नहीं की गई है।

क्या है मामला
महिला किसान खातून अपने खेत मे उर्द की फसल काट रही थी। जहाँ गांव के ही एक जाति विशेष के दबंगो ने पहले तो फसल चरवा डाली और जब शिकायत की बात की गई तो सामूहिक रूप से इस महिला पर हमला बोल दिया गया। जिसमे महिला को अंदुरूनी गंभीर चोट आईं हैं, किन्तु पूलिस ने सिर्फ एनसीआर दर्ज करके मामले को रफा दफा करने की सम्पूर्ण कोशिश कर डाली है। जबकि महिला इतनी गंभीर थी कि स्थानीय अस्पताल ने सीधा जिला अस्पताल को रिफर कर दिया। महिला न्याय की गुहार लगा रही है।

योगी सरकार ने स्वयं को अच्छी सरकार का खिताब दिया
सरकार के 6 महीने पूरे होते ही सरकार ने स्वयं को अच्छी कानून व्यवस्था व सुरक्षा के मामले मे विद आनर्स का खिताब दे डाला। लेकिन महोबा का ये मामला इस खिताब पर बड़ा दाग बन गया। जहाँ एक महिला की सही रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई। वहाँ न्याय और सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

पुलिस संदिग्ध
पुलिस हमेशा से ऐसे मामलो पर लेन देन करके दबाने हेतु संदिग्ध रही है और इस मामले पर भी पुलिस की भूमिका बड़ी संदिग्ध है। जबकि महिला महोबा एसपी से भी न्याय की गुहार लगा चुकी है फिर भी दबंगो की मनमानी इस कदर चल रही है कि मानों इन्हे किसी बड़े हाथ का सह प्राप्त हो।
दबंगों को कब गिरफ्तार करेगें ?

राजेन्द्र यादव व अर्जुन के साथ अन्य परिजन ने सामूहिक रूप से एतराज जताने के बाद सड़क पर महिला सकरून खातून को मारपीट कर घायल कर दिया और इनके हौसले अब भी बुलंद हैं। इससे महसूस किया जा सकता है कि महोबा मे महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं एवं पुलिस का रवैया लोकतांत्रिक संवैधानिक प्रतीत नहीं होता है। कुलमिलाकर इस प्रकार की घटना समाज को शर्मनाक स्थिति मे लाकर खड़ा कर देती हैं। यूपी सरकार को अभी और भी बहुत सारे रिक्त स्थान भरने की आवश्यकता है।



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