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बुन्देलखण्ड की बहू मिसेज इण्डिया के फाइनल राउंड मे

एक दौर था जब अविवाहित लड़कियां ही मिस इंडिया और मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर गौरान्वित होती थीं। अब दौर बदल रहा है, विवाहित व कामकाजी महिलाएं भी मिसेज इंडिया का खिताब जीत सकती हैं। ऐसी ही एक मिसेज इंडिया अर्थ नामक प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के पन्ना में जन्मी निलांजना सिन्हा ने प्रतियोगिता के फाइनल मे प्रवेश किया है।

पन्ना अर्थ मे जन्मीं निलांजना सिन्हा मध्यप्रदेश के लिए गौरव बन चुकी हैं। जब देश प्रदेश की बेटी सामाजिक कार्य मे प्रतिभाग करते हुए किसी बड़े खिताब के फाइनल मे प्रवेश करती है तो वास्तव मे वो परिवार ही नहीं बल्कि देश प्रदेश का नाम रोशन कर देती है। गौरतलब है कि मिसेज सिन्हा पर्यावरण संतुलन हेतु जागरूकता अभियान के माध्यम से समाजसेवा का उत्कृष्ट कार्य भी कर रहीं हैं।

अप्रवासी भारतीय हैं
मिसेज सिन्हा का विवाह उड़ीसा के कटक में पदुम के संग हुआ। तत्पश्चात वो लंदन मे रहने लगीं और आज 18 महीने के शिशु की माँ हैं। वास्तव में बच्चे की केयर तथा मातृत्व जीवन के इस विपरीत परिस्थिति में भी इस प्रकार की प्रतियोगिता मे भाग लेकर फाइनलिस्ट के तौर पर चयनित होना देश भर की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है कि बहाने कुछ भी हो जाएं किन्तु जिंदगी को हौसले ही उड़ान देते हैं। 

6 अक्टूबर को फाइनल
इस प्रतियोगिता का फाइनल अक्टूबर के फर्स्ट वीक मे हैं। जिसमे खिताब हासिल करने के लिए मिसेज सिन्हा तन्मयता से तैयारी करने में डटी हुई हैं,हालांकि 18 महीने का बच्चा उनके लिए बड़ी चुनौती है।

पन्नावासियों ने दी बधाई
पन्ना के नागरिकों को जब इस बात का पता चला तब से फूले नहीं समा रहे हैं, तो वहीं तमाम माता-पिता को बेटियों को खुले आसमान उड़ान भरने की प्रेरणा भी मिली हैं।

कि मत कैद करो चार दीवारी में
उड़ने दो इन्हें हौंसलों के पंख से
एक बेटी जब कुछ कर जाती है
दो कुलो का रोशन होता है नाम
देश को करतीं गौरान्वित



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