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एएनएम अधिकारियों से बयानों में ही मुकर गयी, बोली नही किया घर में भर्ती

घर में प्रसव कराने के आरोप में घिरी एएनएम से दोपहर बाद एसडीएम सदर तथा सीओ सदर ने अस्पताल मंे प्रसूता के बयान लेने के बाद बयान दर्ज किये। एएनएम ने प्रसूता को घर में भर्ती कराने से साफ इंकार किया है।

कस्बे के बांकी मार्ग में निवासी बनाकर रहने वाली एएनएम मिथलेश सिंह ने बुधवार की शाम एक प्रसूता को घर पर बनाये डिलेवरी रुम में भर्ती कराया था। शुक्रवार को तड़के 3 बजे प्रसूता ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसकी तत्काल मौत हो गयी थी और प्रसूता की हालत बिगड़ गयी थी। इसके बाद एएनएम ने दोनो को घर से बाहर कर दिया था।

इस प्रकरण की शिकायत पीड़िता के परिजनों ने सुबह मुख्यालय जाकर जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक से करके न्याय की गुहर लगायी थी। जिलाधिकारी आरपी पाण्डेय ने जांच एसडीएमम सदर विजय बहादुर यादव को तथा पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने सीओ सदर एसएन वैभव पाण्डेय सौंप कर तत्काल जांच के आदेश दिये थे। बताते है कि दोनो अधिकारियों ने पहले सदर अस्पताल में भर्ती प्रसूता के बयान दर्ज किये।

इसके बाद कस्बे के बांकी मार्ग स्थित एएनएम के आवास पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने एएनएम मिथलेश सिंह का बयान दर्ज किया। एएनएम ने एसडीएम सदर तथा सीओ सदर को दिये बयान में साफ इंकार किया है कि उसने प्रसूता को घर में नही भर्ती किया है।

इसके बाद एएनएमम दोनो अधिकारियों के तमाम सवालों का सही जवाब नही दे सकी है। एएनएम के बयान दर्ज करने के बाद दोनो अधिकारी वापस मुख्यालय लौट गये। दोनो अधिकारियों ने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट आज ही सौंप देंगे।

पहले भी लग चुके है गंभीर आरोप
पिछले दो दशकों से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात इस दबंग एएनएम पर कई बार गर्भपात कराने जैसे कई संगीन आरोप लग चुके है। स्थानीय राजनैतिक लोगों का संरक्षण प्राप्त होने तथा सीएमओ कार्यालय तक हनक बनाकर नौकरी करने वाली इस एएनएम का आज तक बाल बांका नही हो सका है। जबकि विभागीय कर्मचारियों पर भी इसके खिलाफ घर पर प्रसव कराने के आरोप लगा चुका है। कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से प्रसूताओं को बरगला कर घर ले जाने के आरोप में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अखाड़ा भी बन चुका है। इसके बाद भी किसी न्र इस दबंग एएनएम को यहां से हटाने की जुर्रत नही की है। इससे इस दबंग एएनएम के हौसले बुलंद रहते है और यह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आने वाली प्रसूताओं को बरगलाकर अपने घर ले जाकर प्रसव कराती है। किसी तरह का हादसा हो जाने पर हाथ खड़े करके लोगों को घर से बाहर कर देती है। ऐसा आज तड़के भी हुआ है।

तीन माह में ही छोड़ दी नवीन पीएचसी
एक वर्ष पूर्व डिलेवरी रूम में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के डिलेवरी रूम में प्रसव कराने के लिये तैनात किया गया था लेकिन इसने यहां बमुश्किल तीन माह ही कार्य किया और सांढगांढ बनाकर पुराने अस्पताल के डिलेवरी रूम पर फिर तैनाती करा ली थी।

एक वर्ष पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के डिलेवरी रूम में प्रसव कराने को लेकर नर्सो में विवाद हो गया था। तब भी विवाद की जड़ में प्रसूताओं को घर ले जाकर डिलेवरी कराने की बात प्रकाश में आयी थी। आपसी विवाद बढ़ता देखकर डिप्टी सीएमओ रामऔतार निषाद ने मिथलेश सिंह को पुरानी पीएचसी से हटाकर नवीन पीएचसी में तैनात कर यही पर डिलेवरी कराने के निर्देश दिये थे। लेकिन यहां पर मिथलेश सिंह का मन नही लगा और ऐनकेन प्रकारेण अपना तबादला पुराने अस्पताल में कराकर डिलेवरी रुम में ड्यिूटी लगवा ली। तब से यह दबंग एएनएम यही पर डटी है।

गांव की आशा बहुये बनती है माध्यम
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का दावा है कि इस दबंग एएनएम ने गांव में तैनात आशा बहुओं को अपने गिरोह में हिस्सेदारी बना रखा है। इन्ही के माध्यम से यह भोले भाले ग्रामीणों को फंसा कर एएनएम के पास लाती है एएनएम घर में सारी सुख सुविधायें का हवाला देकर सरकारी व्यवस्था को नपुंसक बताकर प्रसूताओं को बरगला लेती है और घर ले जाकर मंहगे दामों में प्रसव कराकर लोगों को ठग लेती है इसका यह कारनामा पिछले एक दशक से ज्यादा समय से चल रहा है। इस दौरान इसके यहां कई प्रसूताओं की मौंत भी हुई है लेकिन राजनैतिक पहुंच होने के कारण मामला उजागर होने के बाद भी दवा दिया जाता रहा है। इसके आस पास रहने वाले तमाम लोग नाम न छापने की बात कहकर बताते है कि इसके घर में गर्भपात आये दिन किये जाते है किसी भी वक्त छापामार कर ऐसे मामले पकड़े जा सकते है।

 

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