शासन के निर्देशों के बावजूद जिले की स्वास्थ्य व्यवस"/>

एम्बुलेंस के इंतजार में फिर घंटो बैठी रहीं प्रसूतायें

शासन के निर्देशों के बावजूद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। एम्बुलेंस चालकों के मनमानी के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं। बावजूद इसके विभाग स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं कर पा रहा। जिसके चलते आये दिन तीमारदारों के आरजू मिन्नत करने के बावजूद प्रसूताओं को प्रसव के बाद घर जाने के लिये इधर-उधर भटकना पड रहा है। ऐसा ही मामला फिर जिला अस्पताल में देखने को मिला। परिजनों ने कहा कि शासन को अतिरिक्त एम्बुलेंस की व्यवस्था करना चाहिये।

प्रदेश सरकार जहां एक ओर गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को योजनायें संचालित की है वहीं एम्बुलेंस चालकों की मनमानी के चलते आये दिन प्रसूताओं को नवजात बच्चे के साथ घर जाने के लिये घंटो इंतजार करना पडता है। ऐसे में शासन की छवि धूमिल होने के साथ पीड़ित कोसते हुये घरों तक जाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यशैली के चलते एम्बुलेंस चालक की मनमानी में सुधार नहीं हो रहा। मरीज अस्पताल व गंतव्य तक पहुंचने के लिये सूचना देने के बावजूद घंटों इंतजार करते हैं।

मजबूरीवश रुपये खर्च करने के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि जिला चिकित्सालय का अक्सर निरीक्षण मंत्री व प्रशासनिक अफसरों समेत विभागीय अधिकारी करते हैं। स्वास्थ्य सेवायें सुचारू करने के सख्त निर्देश भी दिये जाते हैं। बावजूद इसके सेवायें जस की तस चल रही है। एम्बुलेंस के इंतजार में घंटों प्रसूताओं को नवजात के साथ परिसर के बाहर इंतजार करने को विवश होना पडता है। बीते दिनो ऐसे ही मामले पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुये चिकित्सालय में हंगामा काटा था।

इसी क्रम में बुधवार को एम्बुलेंस के इंतजार में जच्चा-बच्चा समेत परिजन घंटो बैठे रहे। बताया गया कि सोमवार को पहाडी थाना के भानपुर के मजरा अहिरा पुरवा की प्रसूता ललिता देवी पत्नी अजय कुमार अपनी सास मीरा देवी व आशा के साथ आकर भर्ती हुई। इसके अलावा प्रसूता मनीषा देवी पत्नी बुद्धविलास पहले प्रसव के दौरान, गंगोत्री देवी पत्नी धर्मराज निवासी बनकट, नफीसा पत्नी हमीद खां निवासी कैलहा, सेहरिन मडैयल की राजाबेटी पत्नी दयाराम, संगीता पत्नी उमेश हिनौता माफी को परिजनों ने प्रसव पीडा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।

प्रसव के बाद बुधवार को सवेरे नौ बजे डाक्टरों ने छुट्टी तो दे दी, लेकिन घर पहुंचने के लिये परिजन जच्चा-बच्चा के साथ एम्बुलेंस के लिये इधर-उधर भटकते देखे गये। बताया कि एम्बुलेंस को फोन किया है। बावजूद इसके घंटो इंतजार के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आयी। जिससे उन्हें उमसभरी गर्मी में काफी परेशानियों का सामना करना पडा। परिजनों ने बताया कि एम्बुलेंस की कमी के चलते परेशानियां हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से अतिरिक्त एम्बुलेंस व्यवस्था कराने की मांग की है।

 

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  • राजकुमार याज्ञिक

    चित्रकूट जनपद के ब्यूरो चीफ एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार याज्ञिक चित्रकूट जनपद के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। पत्रकारिता में स्नातक श्री याज्ञिक मुख्यतः सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं।, .



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