कुरारा कस्बा के कुतुबपुर गांव निवासी धरमपाल पुत्र स"/>

न्याय न मिलने पर परिवार सहित आत्मदाह करेगा पीड़ित

कुरारा कस्बा के कुतुबपुर गांव निवासी धरमपाल पुत्र स्व. रामआसरे ने जिलाधिकारी को दिये शिकायती पत्र में बताया कि वह संग्रह विभाग हमीरपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात है। जिसने मकान बनवाने के लिये भारतीय स्टेट बैंक हमीरपुर से 3 लाख 40 हजार रू. का लोन लिया था। पढ़ा लिखा न होने के कारण धरमपाल के  बगल के गांव खरौंज का रहने वाला श्रीराम प्रजापति नामक युवक अक्सर उसके साथ बैंक आता जाता था और लोन भी उसी ने पास करवाया था।

लोन पास होने के बाद धरमपाल ने एक बार 35 हजार और एक 60 हजार रू. निकाले। इसके बाद वह जब भी बैंक पैसे निकालने के लिये जाता था तो फील्ड आफीसर रोहित कुमार द्वारा कहा जाता था कि अभी खाते में होल्ड लगा है जब हट जाये तो पैसे निकाल लेना।

काफी समय बीत जाने के बाद जब उसने अपने विभाग के कर्मचारियो से इस मामले की बात की तो उन्होंने इंट्री कराने की बात कही। और जब रामपाल ने बैंक पासबुक में इंट्री करायी तो पता कि बैंक के फील्ड आफीसर और श्रीराम ने आपसी सांठ-गांठ कर उसके खाते से सारा पैसा पार कर दिया। और तो और धरमपाल के  लड़के के नाम से भी फर्जी हस्ताक्षर कराकर 1 लाख रू. चेक न. 00074788 से निकाल लिये। कुल मिलाकर फील्ड आफीसर और श्रीराम प्रजापति ने उसके खाते से 2 लाख 45 हजार रू. का गबन कर दिया।

उसके बाद से पीड़ित तहसील दिवस, थाना कुरारा, कोतवाली हमीरपुर के चक्कर काट रहा है लेकिन अभी इंसाफ से कोसो दूर है। पीड़ित के हाथ लोन का पैसा तो नही लगा लेकिन पैसे की भरपाई उसके खाते से जरूर पूरी की जा रही है। जिससे परेशान होकर पीड़ित ने जिलाधिकारी को दिये शिकायती पत्र में बताया कि अगर उसे 15 दिनों के अन्दर न्याय नही मिलता तो वह जिला मुख्यालय के गोल चबूतरे अपने पूरे परिवार के साथ आत्मदाह करने के लिये मजबूर होगा। जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।



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