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नर्सिंग होम में लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत, और फिर...

कहते हैं मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है। इसीलिए डॉक्टरों को धरती के भगवान का दर्जा दिया जाता है। लेकिन वही भगवान इन दिनों मरीजों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। इसकी बानगी बुन्देलखंड में झांसी के एक प्राईवेट नर्सिंग होम में नजर आई। जहां एक गर्भवती महिला के मौत पर उसके तीमारदारों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं डॉक्टर का कहना है आरोप कोई भी कुछ लगा सकता है। प्रेमनगर थानान्तर्गत हंसारी में एक प्राईवेट नर्सिंग होम है। जहां गत दिवस ललितपुर से गम्भीर हालत में गर्भवती महिला साहिबा बानो रेफर होकर आई थी।

अस्पताल में पहले भर्ती के नाम पर पहले रुपए जमा कराये गये। इसके बाद इलाज शुरु किया गया। साहिबा बानों के परिजनों का आरोप है कि रात्रि में अचानक साहिबा बानों की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। यह देख उन्होंने डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा। लेकिन डॉक्टर नहीं आये और उसका इलाज कम्पांउडर करने लगे। कई घंटे उक्त महिला तड़पती रही, लेकिन डॉक्टर नहीं पहुंचे। अंत में आखिर उस महिला की मौत हो गई।
 
मरीज की मौत की जानकारी जैसे ही डॉक्टर को हुई। इसके बाद वह नर्सिंग होम पहुंचे, जहां उन्होंने पूछतांछ कर आक्रोशित तमीरदारों को समझाने का प्रयास किया। जब इस मामले में अस्पताल के डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने इलाज में लापरवाही की पुष्टि करने से इंकार करते हुए कहा कि आरोप तो कोई भी लगा सकता है।

इसमें उनकी कोई गलती नहीं है, गलती है तो मरीज के तीमारदारों की है। उन्होंने मरीज की हालत बिगड़ने पर दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कहा था। लेकिन वह नहीं ले गये।
 
अब सवाल है कि जब ललितपुर से हालत गम्भीर होने पर मरीज को झांसी रेफर किया गया था तो उक्त नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने उसे क्यों भर्ती कर लिया। सूत्रों की मानें तो इस प्रकार का मामला कोई यह पहला नहीं है, बलिक इस प्रकार की कई मौते हो चुकी हैं।



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