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टाइगर रिजर्व क्षेत्र मे संदिग्ध परिस्थितीयों हथनी बिन्ध्या की मौत

पन्ना टाईगर रिजर्व में हथनी बिन्ध्या की मौत संदिग्ध परिस्थितीयो मे हुई है जब की प्रबंधन द्वारा हथनी की मौत केन नदी में डूबने से बताई जा रही है जबकी इस वर्ष वारिष अधिक नही हुई और न ही बाढ जैसी स्थिती रही है तथा जानवर हाथी तैरने में भी सक्षम रहता है लेकिन अचानक हथनी की मौत से पार्क प्रबंधन की लापरवाही उजागर होती है क्योकी हाथियों तथा टाईगरो के पीछे पार्क का अमला तैनात रहता है तथा उनकेे देख रेख खान पान की जिम्मेावरी कर्मचारियो की होती है हथनी विन्ध्या का जन्म 2002 मे टाईगर रिजर्व मे ही हुआ था तथा वह टाईगर रिजर्व के सभी हाथियों मे नई थी।

ज्ञात हो की कुछ दिनो से टाईगर रिजर्व के वरिष्ट अधिकारीयो की निष्क्रेता के चलतें आए दिन टाईगरो की मौत के साथ साथ सडको पर आने से कभी भी दुर्घटनाए घटित हो सकती है टाईगर की देख रेख मे घोर लापरवाही बरती जा रही है और टाईगर रिजर्व के प्रबंधन की इसी लापरवाही के चलते यहा पर अन्य जानवर भी सुरक्षित नही है जब युवा हथनी की पानी मे डूबने से मौत हो सकती है तो प्रबंधन की लापरवाही का सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है यदि यही हाल रहा तो वह दुन दूर नही जब पन्ना टाईगर रिजर्व बाघ विहीन की कगार पर पहुच जाएगा।

प्रबंधन को चाहिए की तत्कालीन क्षेत्र संचालक श्रीनिवास मुर्ती द्वारा टाईगर पुनर स्थापना के क्षेत्र मे किये गये कार्य को आगे बढाड और जिस प्रकार से उन्होने बाघ बिहीन इस पार्क का नाम इतिहास के सुनहरे पन्ने में दर्ज कर दिया इस नाम और काम को आगे बडाने की जरूरत है।



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