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करोडो का पाईप लाईन घोटाला

पन्ना नगर में जलावर्धन योजना के अन्तर्गत 14अ करोड की पाईप लाईन डाली जा रही है लेकिन उक्त पाईप लाईन जिसमे नगर में लगभग 40 से 45 किलो मीटर लाईने बिछाने का कार्य ओम कन्ट्रक्शन को दिया गया है ओर 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है ठेकेदार के अधिनस्थ कर्मचारियो द्वारा जिस दबंगई से यह घटिया स्तर का कार्य कराया जा रहा है। यह पन्ना के लोगो के लिए शर्मनाक बात है। ठेकेदार द्वारा सईया भय कोतवाल अब डर काहै का इस तर्ज पर यह घटिया कार्य कर लीपा पोती की जा रही है और स्वयं कहा जा रहा है की यह कार्य मै नही सीएमओ और नगर पालिका खुद करा रही है। और जिस पेपर वाले को और जिस पत्रकार को जो छापना है छाप लो हमारा कुछ नही होने वाला है और इसी तर्ज पर पूरे नगर की सडको को खोदकर बिना तकनीकी जानकारी के घटिया लाईन बिछा दी गई बहुत से स्थानो पर फूटे और गूणवत्ता विहीन पाईप डाले जा रहें है।

इस प्रकार के कार्य को देखकर यह सहज ही अन्दाज लगाया जा सकता है की इन पाईपो के द्वारा भविष्य में होने वाली पेंयजल सप्लाई संभव नही लगती है पन्ना नगर का दुर्भाग्य है की बडी मुश्किल से इतने बडे पैमाने पर बृहद योजना स्वीकृत हुई परन्तु वो भी भृष्टाचार की भेट चड चुकी है। कोई कुछ बोलने व सुनने वाला नही है प्रशासन में बैठे अधिकारियो या सत्ता में बैठे राजनैतिक आका हो उनको यह के लोगो की दुःख दर्द पीडा और सुविधाए का कोई सरोकार नही है। लोग जन प्रतिनिधि इसी लिए चुनते है की वो जनता के हित में सही कार्य कर सके परन्तु दुर्भाग्य ही कहा जाएगा की इतने बडे कार्य में किस व्याप्क पैमाने पर भृष्टाचार हुआ है कोई उगंली उठाने वाला नही है यह कोई पहली पाईप लाईन नही जो नगर में डाली जा रही है इसके पहले 3-3 बार पाईप लाईन डल चुकी है जिसमें करोडो रूपये का बंदर बाट हो चुका है लेकिन आज तक इन लाईनो का पता तक नही है। और न ही निकट भविष्य मे इनसे कोई पानी सप्लाई का प्लान है सबसे पहले 2010 मंे बी टी आई से लेकर छत्रसाल पार्क के पास तक एवं गांधी चौक से लेकर कचहरी चौराहे तक पूर्व मे पाईप लाईन डल चुकी है। जब एक बार यह लाईन डल चुकी तो फिर दोबारा इसी स्थान पर पाईप लाईन क्यो डाली जा रही है दोबारा पाईप लाईन डालने का क्या उद्देश्य है और जानबूछ कर शासन के करोडो रूपये के बजट को क्यो निपटाया जा रहा है यह बात समझ के परे है।

इसके बाद 2012-13 मे पुनः जलावर्धन योजना के अर्न्तगत पाईप लाईने डाली गई उसमे भी करोडो रूपये का खर्च हुआ और अब पुनः 45 किलोमीटर की पाईप लाईन डाली जा रही है आखिर बार बार पाईप लाईन डालने से क्या साबित हो रहा है इसकी जाच होनी चाहिए और पाईप लाईनो का भृष्टाचार सच सामने आना चाहिए। वर्तमान मे जो पाईप लाईन डाली जा रही है इसमं न ही नीचे बेस बनाया जा रहा है ठेकेदार द्वारा लाईन खोद वा कर पाईप डाल दिये जाते है और मिट्टी पूर दी जाती है जगह जगह सी सी रोड खोद डाली है नगर मे बना फुटपाथ भी खोद दिया है। लेकिन पाईप डालने के बाद इस पुनः उसी स्थिती मे सी सी करके सही नही किया जाता जिससे भारी घटनाए और धूल आदि की भी समस्या हो रही है।

इनका कहना हैः- इस पूरे मामले मे इनका कहना है की हमारा कार्य पाईप लाईने डालना है सी सी का कार्य अलग से होगा और जिसको जो शिकायत करना हो करते रहो उससे कम्पनी को कोई फर्क नही पडता 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और बाकी शेष कार्य जल्द पूरा हो कर हम लोग चले जाएगें।
राम प्रताप पटेल (कर्मचारी) ओम कन्टक्शन पन्ना



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