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कलयुगी मां ने मासूम बच्ची को फेंका मन्दिर के पीछे

किसी कलयुगी मां या बिन ब्याही युवती द्वारा एक दिन की मासूम बच्ची को कपडों में चपेट कर हनुमान मन्दिर के पास फेंक गई। कस्बा का ही एक युवक वहा पितरों केा जल अर्पित करने के बाद हनुमान मन्दिर में जल चढाने गया तो उसे रोने की आवाज आने पर उसके होश उड गये। उसने मासूम को अटखेलियां करते देख तत्काल उठा लिया और उसे अपने घर आकर पत्नी को दे दिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया। जहां बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। युवक व उसकी पत्नी ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई इस पर उन्हें बच्ची के साथ्ज्ञ जिला अस्पताल भेज दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा के गांधीनगर मुहाल निवासी संतोष पुत्र नत्थू खंगार पितरों को पानी देकर रोज की भांति जोगिन तालाब से स्नान करके हनुमान मन्दिर में जल चढाने गया हुआ था। वह हनुमान मन्दिर में जल चढाकर जैसे ही वापिस अपने घर की ओर जाने लगा तभी उसे मन्दिर के पीछे से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। संतोष ने मन्दिर के पीछे जाकर देखा तो उसके होश उड गये। उसने देखा कि कपडों में लिपटी एक दिन की मासूम बच्ची अटखेलियां कर रही थी। संतोष ने पुत्री को देख कहा कि किसी कलयुगी मां ने या फिर बिन ब्याही मां ने बच्ची को पैदा होने के एक दिन बाद लोक लाज के भय से यहां छोड दिया हैं।

उसने बच्ची तो तत्काल गोद में उठा उसे सीने से लगा लिया और बच्ची को लेकर अपने घर आ गया। उसने बच्ची को अपनी पत्नी पूनम को सौप दिया औश्र उसे घटना की जानकारी दी। इस पर पूनम के मन में ममता उमड पडी औश्र उसने बच्ची को गोद लेने की बात कही। इस पर सन्तोष ने पुलिस को सूचना देने के बाद बच्ची को दिखाकर गोद लेने की बात स्वीकार कर ली और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनो पति पत्नी को इस कार्य की बधाई देते हुये बच्ची को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के लिये भर्ती कराया।

जहां बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य होने पर पूनम ने फिर पुलिस कर्मियों से बच्ची को गोद ले अपने साथ रखने की बात कही। तो पुलिस ने उन्हें महोबा जिला अस्पताल से गोद लेने की बात कह बच्ची तथा दम्पत्ति को एम्बुलेन्स की मदद से महोबा मुख्यालय भेज दिया है।

 



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