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बुन्देलखण्ड को सूखाग्रस्त करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जायेगी - राजेन्द्र प्रताप

जिले के प्रभारी एंव मंत्री ग्रामीण अभियंत्रण विभाग राजेन्द्र प्रताप सिंह ने 5 हजार 25 ऋणी कृषकों को ऋण मोचन प्रमाण-पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि किसान के विकास का दर्द प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के दिल में हमेशा रहा है। किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिले और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के माध्यम से आय दोगुनी हो सके। इस पर निरन्तर चिंतन मनन किया जा रहा है।

राजकीय इंटर काॅलेज में आयोजित हुये कार्यक्रम मेें बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि देश तभी ताकतवर होगा जब प्रदेश सरकार और प्रदेश के किसान ताकतवर होगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा लघु एवं सीमान्त किसानों के उन्नयन व सतत विकास हेतु फसल ऋण मोचन योजना लागू की गयी है। यह योजना लघु एवं सीमान्त किसानो को आवश्यक क्षमता प्रदान करेगी और इसका लक्ष्य एक समेकित कार्य योजना तैयार करना है ।

मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘‘मोती सिंह’’ ने कहा कि जनपद के चारों विधानसभा के विधायकों को भी क्षेत्र के किसानों की चिंता है। क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त मात्रा मे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। जिससे फसल की सिंचाई आदि कार्य किये जा सके। उन्होने कहा कि इस वर्ष हमारी सरकार ने किसानों से बिना भेदभाव के गेहूं क्रय किया और किसी भी किसान को केन्द्र से वापिस नही जाने दिया। इसके साथ ही गेहूं का भुगतान आर.टी.जी.एस. के माध्यम से सीधे उनके खाते मेे हस्तांतरण किया। जिससे बिचैलियों को समस्त प्रक्रिया से दूर रखा जा सका। सांसद जालौन-गरौठा भानूप्रताप वर्मा ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार की सोच कैसे किसानों की उन्नति हो और उनकी आय को दोगुना कैसे किया जाए। दुख-दर्द में सहायता देने का कार्य प्रदेश सरकार ने किया है।

विधायक बबीना राजीव सिंह पारीछा ने कहा कि प्रदेश सरकार की केबिनेट की पहली बैठक में तय किया गया था कि किसानों का ऋण माफ किया जाएगा, आज कर दिया गया और यह प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी। उन्होने कहा कि ‘‘अभी तो यह झांकी है पूरे पांच साल बांकी है। विधायक मऊरानीपुर बिहारीलाल आर्य ने कहा कि प्रदेश के 86 हजार किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ करते हुए उन्हे प्रमाण-पत्र दिये जा रहे है। जो सराहना के पात्र है।

विधायक गरौठा जवाहर सिंह राजपूत ने कहा कि उन्होंने किसानों के ऋण माफी के लिए धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की, लेकिन पूर्व सरकारो ने इस ओर कोई ध्यान नही दिया। अब सीएम योगी ने बुन्देलखण्ड के किसानों की त्रासदी को देखा और एक लाख रुपये तक ऋण माफ करने की योजना लागू की। विधायक सदर रवि शर्मा ने कहा कि सूखे की सम्भावित स्थिति को देखते हुये सूबे के मुख्यमंत्री योगी इस ओर चिन्तित भी है और जल्द ही इस त्रासदी का कोई हल निकाला जाएगा।

जिलाधिकारी कर्ण सिंह चैहान ने कहा कि यह फसल ऋण मोचन योजना विश्व की सबसे बड़ी योजना है। बताया गया कि फसल ऋण मोचन योजना के प्रथम चरण में 5180 किसानों को चुना गया है जिनके खाते में कुल 66 करोड़ की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।

उन्होने बताया कि जनपद में 1,47,956 किसानों को पारदर्शी योजना अन्तर्गत पंजीकृत करा लिया गया है। सभी किसानों को कृषि विभाग की लाभार्थी योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित और सरस्वती विद्या मंदिर के स्कूली बच्चों द्वारा मां सरस्वती की आराधना करते हुए किया गया। संचालन वीरेन्द्र सिंह व आभार मुख्य विकास अधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने व्यक्त किया।

इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा सिंह, मेयर नगर निगम श्रीमती किरन वर्मा, पूर्व सभापति मानवेन्द्र सिंह, राज्य मंत्री रतनलाल अहिरवार, प्रतिनिधि सांसद डाॅ जगदीश सिंह चैहान सहित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे.के. शुक्ल, नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी विजय बहादुर सिंह, हरिशंकर, उप कृषि निदेशक रामप्रसाद, वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी दीपक सक्सेना, सहायक निदेशक सूचना सुधीर कुमार , जिला कृषि अधिकारी डी.के. सिंह आदि उपस्थित रहे।
 
तेज धूप से किसान रहे परेशान
 
राजकीय इंटर काॅलेज मे प्रमाण पत्र कार्यक्रम के दौरान किसानों को तेज धूप ने बड़ा परेशान किया। कृषि विभाग द्वारा लगाये गये पण्डाल में किसान पसीने से तर दिखे। पण्डाल के पास ही जल संस्थान द्वारा खड़े किये गये पानी के टंकरों में पानी धूप से गर्म हो गया था। गर्म पानी को किसान मजबूरी वश पीते देखे गये।
 
संचालक बदलना पड़ा

 
कार्यक्रम की शुरूआत में संचालन जिला विद्यालय निरीक्षक नीरज पाण्डेय कर रहे थे। लेकिन संचालन करते वक्त उनके शब्दों के उच्चारण में हिन्दी कमजोर दिखायी दी। जिसे सुनकर मंच पर मौजूद अतिथि हो या फिर पण्डाल में बैठे किसान, पत्रकार हो या अधिकारी, सभी ठहाके लगाते दिखे। संचालन का मजाक बनता देख इसकी बागडोर कृषि विभाग मेें तैनात वीरेन्द्र सिंह को सौपी गयी। जिसके बाद वीरेन्द्र ने अपने चिरपरिचित अंदाज में संचालन का बखूबी निभाया।
 
फूड पैकेट को लेकर रही मारामारी
 
किसानों में कार्यक्रम के बाद फूड पैकेट को लेकर बड़ी मारामारी रही। हालात यह रही कि फूड पैकेट बांटने वाले अधिकारी को बीच में ही अपनी जगह छोड़ना पड़ी । किसान खुद अपने स्तर से जो जितने पैकेट लेते बना लेते रहे ।



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