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शाला प्रबंधन एवं शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्राचार्य परिचर्चा सम्पन्न

रवीन्द्र भवन सागर में शाला प्रबंधन एवं शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्राचार्य परिचर्चा स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस परिचर्चा में प्राचार्यों से सीधा संवाद कर उनसे अकादमिक गुणवत्ता सुधार, अभिभावक भागीदारी प्रोत्साहन, मूल्यांकन, शिक्षक-छात्र-परस्पर संबंध आदि को बढ़ाने के लिये विस्तृत चर्चा की गई। परिचर्चा को लोक शिक्षण आयुक्त श्री नीरज दुबे ने शुरू करते हुये कहा कि शिक्षक किस प्रकार बच्चों को समझाते हुये उसे आत्मसात कराते हैं, यह जिम्मेदारी संस्था प्रमुख की है।

श्री दुबे ने कहा कि एक अच्छे प्राचार्य से छात्रों को जैसी आशाएं होती हैं इस भूमिका का आपने बखूबी निर्वहन कर उन्हें भावी राष्ट्र निर्माता बनाया है। सागर कमिश्नर डॉ. मनोहर अगनानी ने परिचर्चा को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए आगे बढ़ाया और कहा कि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ही वास्तविक शिक्षा है जो छात्र को सही और गलत के बारे में निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। परिचर्चा में बीना से आये जगदीश राय ने बताया कि उन्होंने स्टाफ और छात्र संबंध, बेहतर शैक्षणिक वातावरण, शाला में साफ-सफाई, मासिक टेस्ट, बच्चों से लगातार सम्पर्क में रहकर परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाया है। उनके स्कूल की बिल्डिंग जर्जर होने के कारण होने वाली परेशानियों से अवगत कराने पर स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीना के लिये 1.5 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत करने के लिए कहा प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग दीप्ति गौड़ मुकर्जी ने अन्य प्राचार्यो को उनके द्वारा किये गये कार्यो को बताने के लिए कहा जिससे स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हुई हो। सर्वप्रमुख लडकियों की उपस्थिति शालाओं में 90. प्रतिशत से उपर होना काबिले तारीफ है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा पहचानना, उनमें रूचि पैदा करना, बच्चों के साथ परस्पर संवाद, बच्चों की प्राचार्यो तक पहुंच इन बातों पर ध्यान देने से ही बहुत सारी चीजें बेहतर हो जाएंगी। बच्चों को स्वयं से कॉम्पीटिशन करने की बात कही। स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि वास्तविक तकलीफें स्वयं प्राचार्य ही समझ सकता है, आपकी जवाबदारी हमसे ज्यादा है। शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिये आप लिखित सुझाव भी हमें भेज सकते हैं। अतः आप इसे निरतंर देते रहें और साथ ही नये-नये प्रयोग करते रहें।
 

आगामी शिक्षा सत्र से कक्षा पहली से पांचवी तक हर दिन झण्डा वंदन होने की बात कही। कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने के लिये रोटेशन पद्धति दिसम्बर तक 40 हजार शिक्षकों की भर्ती करने की भी जानकारी दी। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के किसी भी कार्यक्रम में पुष्प फूल माला की परम्परा को बंद करते हुए पौधे पुस्तक देने के निर्देश दिये। श्री शाह ने छात्रावासों को शहर के समीप निर्मित करने के साथ ही निर्माण एजेंसी निर्माण कार्य निरीक्षण करते रहने के निर्देश दिये। 10वीं तथा 12वीं कक्षा के लिये हर जिले में कम्प्यूटर आपरेटर एवं कम्प्यूटर भी शीघ्र ही प्रदान किये जायेंगे।

विधायक शैलेन्द्र जैन की मांग पर 40 लाख रूपये का हाल और 40 लाख रूपये की कम्प्यूटर लैब स्वीकृत करने के लिए कहा। स्कूलों में पुस्तकें निःशुल्क प्रदान की जाती है। लेकिन कॉपियां काफी मंहगी होती है इसके लिये शाह ने नो प्रोफिट नो लॉस के आधार पर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में ही कापी प्रदान किये जाने की सुविधा प्रदान कराने के लिए कहा। इस अवसर पर कलेक्टर आलोक कुमार सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार शर्मा, डीपीसी एच.पी. कुर्मी सिटी मजिस्ट्रेट अनिवाश रावत एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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