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राष्ट्र का निर्माता शिक्षक ही होता हैं: भूपेन्द्र सिंह

मध्यप्रदेश के गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेन्द्रसिंह ने खुरई विधानसभा क्षेत्र की स्कूलों में बेहतर परीक्षा परिणाम देने, समय पर स्कूल पहुॅंचे और बच्चों की पढ़ाई में अपने दायित्व का निर्वाह करने वाले शिक्षक, षिक्षिकाओं का सम्मान किया। कार्यक्रम में डाॅ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विष्व विद्यालय के कुलपति प्रो. आर.पी. तिवारी मुख्य अतिथि थें।

शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में स्वागत भाषण देते हुए मंत्री भूपेन्द्रसिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का निर्माता षिक्षक ही होता हैं। भारत के राष्ट्रपति डाॅं. राधाकृष्णन ने शिक्षाविद के रूप में पूरी दुनिया में देश की वेदिक शिक्षा पद्धति की सर्वोच्चता को प्रतिपादित किया। डाॅ. राधाकृष्णन ने यह सिद्ध किया कि धर्म, संस्कार और संस्कृति पर आधारित शिक्षा ही महान राष्ट्र का निर्माण कर सकती हैं। वेद शास्त्रों के आधार पर चलने वाली शिक्षा पद्धति ही श्रेष्ठ हैं। इसलिए आज दुनिया में योग को महत्व दिया जा रहा हैं। उन्होेंने कहा कि संस्कार विहीन शिक्षा विकृति और अनेक तरह की कठिनाईयाॅं लाती हैं। यह चरित्रवान और राष्ट्रभक्त नागरिक नही बनाती। आज विदेशों में पाश्चात्य शिक्षा पद्धति किस तरह की पीढ़ी का निर्माण कर रही हैं, यह विदेश के स्कूल काॅलेजों में हुई हिंसक घटनाओं से पता चलता हैं। उस शिक्षा से भारत देश आगे नही बढ़ सकता। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि देश में संस्कारवान पीढ़ी तैयार करने का दायित्व शिक्षकों का हैं।

उन्होने कहा कि, पिछले साल तक शिक्षक दिवस पर क्षेत्र के सभी शिक्षकों का सम्मान किया जाता रहा हैं और मैं उन सभी शिक्षकों का शब्दों से सम्मान करता हॅूं जो आज यहाॅं उपस्थित नही हैं। क्षेत्र के सभी शिक्षकों को बुलाकर सम्मान करना राजनैतिक आयोजन जैसा हैं। मुझे लगा कि उन शिक्षकों का सम्मान कैसे हो, जिनकी अपने दायित्व निर्वाह में अहम् भूमिका हैं। जिनका परीक्षाफल सौ प्रतिशत आता हैं, जो समय पर स्कूल पहुॅंचे हैं। हमें योग्यता की कसौटी तय करना होगी और ऐसे शिक्षकों का सम्मान पहले होना चाहिए। बाद में क्षेत्र के सभी शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि संकुल प्रभारी और शिक्षा विभागों के अधिकारियों के मूल्यांकन से जो सूची तैयार हुई, उन शिक्षक-शिक्षिकाओं का आज यहाॅं सम्मान किया जा रहा हैं।

मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. आर.पी. तिवारी ने कहा कि शिक्षक दिवस पर पिछले नौ साल से भूपेन्द्र सिंह शिक्षकों का सम्मान कर रहे हैं, इसके लिए उन्हें धन्यवाद देता हॅू। प्रो. तिवारी ने धर्म की गहन व्याख्या करते हुए भारत में मैकाले शिक्षा प्रणाली के पीछे अंगे्रजों की असल मंशा का चित्रण किया। उन्होेंने कहा कि आज हमारी शिक्षा प्रणाली की असफलता का मुख्य कारण यही हैं, जिसमें दायित्व, जीवन निर्माण, समाज और देश का निर्माण कैसे करना हैं, इसका कोई बोध नही हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री भूपेन्द्रसिंह इच्छा के अनुरूप विश्वविद्यालय के शिक्षकों को खुरई की निःशुल्क कोचिंग में भेजूंगा, ताकि छात्रों का करियर मार्गदर्शन हो सकें।

यहाॅं के शिक्षकों को भी यह बताया जाएगा कि बच्चों को नई विधियों से कैसे पढ़ाया जाये। उन्होंने सम्मान समारोह में उपस्थित शिक्षकों से अपील की कि प्राचीन शिक्षा व्यवस्था में जो अच्छी चीजें थी, उनका लाभ विद्यार्थियों को पहुॅंचाऐं। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नगर पालिका के जनप्रतिनिधि, भाजपा के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता भी उपस्थित थें। जिन्होंने सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ सामुहिक भोज किया।



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